केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने कलानी इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड और निदेशक धर्मेश नरेंद्र संगानी से जुड़े मामले में तलाशी अभियान चलाया. ED ने FEMA के तहत कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में तलाशी अभियान चलाया. ED की इस कार्रवाई में विदेशों में अघोषित संपत्तियों, बैंक खातों और संदिग्ध क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं.

ED की जांच में यह भी पता चला कि निर्यात का कुछ भुगतान उन विदेशी कंपनियों से लिया गया, जिनका नाम निर्यात दस्तावेजों या शिपिंग बिल में खरीदार के तौर पर दर्ज नहीं था.

प्रवर्तन निदेशालय ने कलानी इंपेक्स और उसके निदेशक धर्मेश नरेंद्र संगानी से जुड़ी जांच के सिलसिले में गुरुवार 9 जुलाई 2026 को फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट, 1999 (फेमा) के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चलाया. फिलहाल जांच एजेंसी ने तलाशी अभियान में मिले सभी चीजों को जब्त कर लिया है.

जानकारी के अनुसार, तलाशी के दौरान पता चला कि जो पैसा भारत में आना चाहिए था, वह काफी समय बीतने के बाद भी भारत नहीं आया. साथ ही, बकाया राशि की वसूली के लिए किसी प्रकार के दस्तावेजी प्रयास भी नहीं किए गए. कुछ विदेशी खरीदारों से एक्सपोर्ट से मिलने वाली रकम (Export Proceeds) भी नहीं मिली थी.

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, निर्यात भुगतान उन तीसरे पक्ष की कंपनियों से प्राप्त हुआ, जिनका नाम एक्सपोर्ट इनवॉइस या शिपिंग बिल में खरीदार या प्राप्तकर्ता के रूप में दर्ज नहीं था.

अब तक की जांच में कनाडा, अमेरिका और यूएई में कई अघोषित विदेशी बैंक खातों की पहचान की गई है. ईडी इस लेन-देन में FEMA के संभावित उल्लंघन की भी जांच की जा रही है.

तलाशी अभियान के दौरान कुछ अहम दस्तावेज से पता चला है कि धर्मेश सांगानी की एक अघोषित कनाडाई कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी है. सबसे बड़ी बात है कि विदेशी बैंक खाते और लेनदेन की जानकारी भी संबंधित अधिकारियों को नहीं दी गई थी. कनाडा के अलावा UAE में अघोषित संपति का पता चला है.

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