हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के चर्चित 70 करोड़ रुपये की एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ईडी की इंदौर सब-जोनल ऑफिस ने वेद प्रकाश व्यास, दिनेश अग्रवाल और अक्षय अग्रवाल को 21 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है। आरोप है कि तीनों आरोपी न सिर्फ ड्रग्स तस्करी में शामिल थे, बल्कि इस अवैध कारोबार से हुई करोड़ों की कमाई को अलग-अलग बैंक खातों के जरिए छिपाने और वैध दिखाने का भी प्रयास कर रहे थे।

70 किलो एमडी ड्रग्स, कीमत करीब 70 करोड़ रुपये

ईडी के अनुसार पूरा मामला करीब 70 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स की तस्करी से जुड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में पहले इंदौर क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8 और 22 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। उसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।

ड्रग्स से कमाई, फिर बैंक खातों से खेल

ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ड्रग्स के अवैध कारोबार से बड़ी मात्रा में धन अर्जित किया। इसके बाद इस रकम को कई व्यक्तिगत और व्यावसायिक बैंक खातों के जरिए इधर-उधर ट्रांसफर किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य अवैध कमाई की वास्तविक पहचान छिपाना और उसे वैध आय के रूप में दिखाना था।

जांच में मिले संदिग्ध वित्तीय लेन-देन

जांच के दौरान ईडी को कई संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि वित्तीय लेन-देन के तरीके से यह संकेत मिलता है कि मनी लॉन्ड्रिंग के लिए रकम को कई चरणों में अलग-अलग खातों के माध्यम से घुमाया गया। इसे मनी लॉन्ड्रिंग की भाषा में प्लेसमेंट, लेयरिंग और कंसीलमेंट की प्रक्रिया माना जाता है।

इंदौर और मंदसौर में मारे गए थे छापे

ईडी ने 17 जुलाई 2026 को इंदौर और मंदसौर के कई ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया था। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए। एजेंसी का कहना है कि इन साक्ष्यों से आरोपियों के आर्थिक लेन-देन और कारोबारी गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

बयानों में भी सामने आई तस्करी की भूमिका

ईडी के मुताबिक, जांच के दौरान दर्ज किए गए बयानों में भी आरोपियों की ड्रग्स की सप्लाई और तस्करी में कथित भूमिका सामने आई है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अवैध कमाई का इस्तेमाल किन-किन क्षेत्रों में किया गया।

जांच अभी जारी

ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। एजेंसी वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या बड़ी कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

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