बक्सर। झारखंड के चतरा जिले में स्थित एसपी आवास के बाहर एक मामूली विवाद ने पूर्व असम राइफल्स जवान की जान ले ली। बक्सर के पुराना भोजपुर निवासी अतुल कुमार सैनी की उनके ही सहकर्मी द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद, बुधवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया और परिजनों की चीख-पुकार से हर आंख नम हो गई।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
मृतक के पिता लक्ष्मण प्रसाद सैनी, बड़े भाई अमन सैनी, छोटे भाई अक्षय कुमार और बहन साक्षी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। शव गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही पुराना भोजपुर और आसपास के ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। गांव की गलियों के अलावा लोग छतों और दीवारों पर खड़े होकर अतुल की अंतिम झलक पाने का प्रयास करते दिखे। भारी जनसैलाब ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
अतुल कुमार सैनी एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता लक्ष्मण प्रसाद सैनी एलआईसी में कार्यरत हैं और माता स्वर्गीय उषा देवी पुराना भोजपुर पंचायत की सरपंच रह चुकी थीं। करीब तीन वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सहतवार निवासी निक्की कुमारी से उनका विवाह हुआ था। उनकी डेढ़ वर्ष की एक मासूम बेटी माही कुमारी है। वे पत्नी और बेटी के साथ गया के एपी कॉलोनी में रहते थे। ग्रामीण उन्हें एक सरल, मिलनसार और अनुशासित व्यक्ति बताते हैं।
खैनी मांगने को लेकर हुए विवाद में गई जान
अतुल असम राइफल्स की नौकरी छोड़ने के बाद गया जिले के बेलागंज से जुड़ी राजनीतिक पृष्ठभूमि के विनीत यादव (रॉकी यादव) के निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। बीती 21 जुलाई को दोपहर करीब ढाई बजे रॉकी यादव चतरा के एसपी से मिलने उनके सरकारी आवास पहुंचे थे। इस दौरान बाहर मौजूद अतुल और दूसरे निजी सुरक्षा गार्ड बलविंदर सिंह के बीच खैनी मांगने को लेकर मामूली कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर बलविंदर सिंह ने अपनी बंदूक से अतुल पर गोली चला दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। एसपी आवास पर तैनात पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बलविंदर सिंह को हथियार समेत गिरफ्तार कर लिया।


