कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। सरकार ऐसे किसानों को अगले 5 वर्षों तक प्रति एकड़ प्रति वर्ष 10 हजार रुपये का अनुदान देगी। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल को कम करना है।

कृषि मंत्री श्यामसिंह राणा ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी उपज का प्रमाणन पहले से Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (एपीडा) से करवाना होगा। प्रमाणन के जरिए जैविक उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिल सके।

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को प्रमाणन प्रक्रिया में परेशानी न हो, इसके लिए “हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी” को भी अधिकृत संस्था बनाया जाएगा। इससे किसानों को बाहर की एजेंसियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समय व खर्च दोनों की बचत होगी।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कृषि विभाग की करीब 800 एकड़ जमीन भी इस योजना के तहत इस्तेमाल करेगी। यह जमीन उन्हीं किसानों को पट्टे पर दी जाएगी, जो कम से कम 10 वर्षों तक प्राकृतिक या जैविक खेती करने के लिए तैयार होंगे।

इसके अलावा पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल की मंडियों में जैविक उत्पाद बेचने के लिए विशेष स्थान उपलब्ध करवाए जाएंगे। यहां आधुनिक लैब भी बनाई जाएंगी ताकि उपज की गुणवत्ता जांच और प्रमाणन की प्रक्रिया आसान हो सके।