खेती नीति को लेकर पंजाब की मान सरकार और किसानों के बीच आज एक अहम बैठक हुई. यह बैठक कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड़ियां की अध्यक्षता में पंजाब भवन में आयोजित की गई. किसानों ने इस मौके पर अपने मुद्दों को सरकार के सामने रखा, जिन पर सरकार चर्चा करेगी. अगली बैठक पंचायत चुनावों के बाद आयोजित की जाएगी.
इस बैठक में विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे. किसान प्रतिनिधिमंडल भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) और खेत मजदूर यूनियन के बैनर तले इस बैठक में शामिल हुआ. किसान नेताओं ने बताया कि उन्होंने राज्य सरकार की खेती नीति के मसौदे पर विशेषज्ञों से विचार-विमर्श किया है. इस दौरान विशेषज्ञों द्वारा दी गई नई सिफारिशों को भी इस बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा. इसके अलावा, सरकार से मांग की जाएगी कि इन सुझावों को नीति में शामिल किया जाए.
पिछली बार किसानों ने पांच दिनों का संघर्ष किया था, उस समय राज्य सरकार ने उनकी कई मांगों को मानने का वादा किया था. अब किसानों की मांग है कि इन वादों को लागू किया जाए.

किसानों का प्रदर्शन
सितंबर में पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र हुआ था, और उस समय किसान खेती नीति के विरोध में चंडीगढ़ पहुंचे थे. लगभग 15 वर्षों के बाद, चंडीगढ़ प्रशासन ने शर्तों के साथ किसानों को धरना प्रदर्शन की अनुमति दी थी. इस दौरान किसानों ने सेक्टर-34 से मटका चौक तक एक विरोध मार्च भी निकाला.
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