यमुनानगर। यमुनानगर में रविवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। न्याय की उम्मीद में दो बेटियां अपने गंभीर रूप से घायल पिता को खाट पर लिटाकर ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज से मिलने महाराजा अग्रसेन कॉलेज पहुंचीं। उन्हें उम्मीद थी कि मंत्री उनकी फरियाद सुनेंगे और उन्हें न्याय मिलेगा, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से मंत्री कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। ऐसे में दोनों बहनों को अपनी शिकायत पुलिस अधिकारियों को सौंपकर मायूस लौटना पड़ा।

मानकपुर गांव निवासी महबूब परिजनों के अनुसार 25 अप्रैल को उन पर सात लोगों ने गंडासियों, तलवारों और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया था। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें 18 दिनों तक पीजीआई में भर्ती रहना पड़ा। दोनों पैरों में गंभीर चोट आने के कारण उनमें लोहे की रॉड डालनी पड़ी, जिसके बाद से वह चलने-फिरने में असमर्थ हैं। इसी वजह से बेटियां उन्हें खाट पर लिटाकर मंत्री से मिलने पहुंचीं।
मंत्री के नाम दी गई शिकायत में बेटियों ने बताया कि बच्चों के बीच हुए एक विवाद के बाद उनके पिता पर हमला किया गया था। घटना को करीब तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक केवल दो आरोपियों को ही गिरफ्तार कर सकी है। उनका आरोप है कि चार आरोपी अभी भी फरार हैं और खुलेआम घूमते हुए परिवार को लगातार धमकियां दे रहे हैं, जिससे पूरा परिवार डर के माहौल में जी रहा है।
महबूब ने कहा कि वह लगातार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। परिवार का कहना है कि उन्हें निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए।
हालांकि मंत्री अनिल विज से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन पीड़ित परिवार ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को अपनी शिकायत सौंप दी। अब परिवार को उम्मीद है कि उनकी यह गुहार सुनी जाएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।

