शब्बीर अहमद, भोपाल। मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा हिंसा) से बचने के लिए मुस्लिम समुदाय को अपना पहनावा बदलने की सलाह देने वाले मध्यप्रदेश के पूर्व IAS अधिकारी नियाज खान और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद मदनी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। नियाज खान की इस सलाह पर महमूद मदनी द्वारा कड़ी आपत्ति जताए जाने के बाद, पूर्व IAS ने एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (ट्विटर) पर अपनी बात दोहराई है।
महमूद मदनी की आपत्ति पर नियाज खान का पलटवार
पूर्व IAS नियाज खान ने सोशल मीडिया पर लिखा- महमूद मदनी ने मॉब लिंचिंग से बचने के लिए तुर्की जैसे कपड़े पहनने की मेरी सलाह पर आपत्ति की है और बकायदा एक प्रेस नोट जारी किया है। लेकिन मैं अभी भी अपने इस रुख पर कायम हूं कि मुस्लिमों का वर्तमान पहनावा उनकी सुरक्षा के लिए घातक साबित हो रहा है। नियाज खान ने आगे लिखा कि विशिष्ट पहनावे के कारण मुस्लिम समुदाय के लोगों को आसानी से पहचान लिया जाता है, जिसके बाद भीड़ लिंचिंग की घटनाओं को अंजाम देती है और उनसे ‘जय श्री राम’ के नारे लगवाती है।
बड़ा हादसा: टैंकर में वेल्डिंग के दौरान भीषण ब्लास्ट, एक की मौत, दो गंभीर रूप से घायल
महमूद मदनी ने क्या कहा था?
इससे पहले, नियाज खान के सुझाव पर आपत्ति जताते हुए महमूद मदनी ने स्पष्ट किया था कि समस्या किसी के पहनावे में नहीं है। मदनी ने कहा था- समस्या दाढ़ी, टोपी, कुर्ता-पजामा या हिजाब से नहीं है। असली समस्या उन लोगों की सोच में है जो नफरत के माहौल के बीच कानून को अपने हाथ में लेते हैं।
पहनावे को लेकर पहले भी चर्चा में रहे नियाज खान
पूर्व IAS अधिकारी नियाज खान अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार देश में होने वाली लिंचिंग की घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने मुस्लिमों को अपनी पहचान छुपाने या तुर्की जैसे आधुनिक कपड़े पहनने की सलाह दी थी, जिस पर अब मुस्लिम धर्मगुरुओं और संगठनों की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं।
Datia By-Election: भाजपा ने जारी की स्टार प्रचारकों की सूची, लिस्ट में डॉ. नरोत्तम मिश्रा का भी नाम शामिल
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

