शब्बीर अहमद, भोपाल। Special Story: मध्यप्रदेश में फर्जी IAS और IPS का बड़ा नटवरलाल नेटवर्क देखने को मिल रहा है। एक के बाद एक फर्जी अधिकारी पकड़े जा रहे हैं, जो खुद को बड़ा अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क बढ़ाते हैं और जालसाजी की वारदात को अंजाम देते हैं। एमपी में पिछले एक महीने के अंदर करीब पांच मामले सामने आए हैं, जिनमें फर्जी अधिकारी बनकर सरकारी रौब के नाम पर लाखों की ठगी का खेल खेला गया।

इस खूबसूरत चेहरे पर मत जाइए, इस चेहरे के पीछे है लेडी नटवरलाल तृप्ति सिंह राजपूत है। तृप्ति और उसके भाई सुधांशु ने कई लोगों को सरकारी नौकरी और टेंडर दिलाने का लालच देकर लाखों की ठगी को अंजाम दिया। अब तक दोनों भाई-बहन पर चार मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें दो अशोकनगर के चंदेरी में और दो मामले भोपाल के बागसेवनिया में दर्ज किए गए हैं।

आरोपियों के पास से मिली ये चीजें

लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए अपनी लाइफस्टाइल एकदम अफसरों जैसी रखते थे, जिससे किसी को शक न हो। इनके पास से पुलिस को किराए की ‘भारत सरकार’ लिखी इनोवा, फर्जी CBI कार्ड, लेटरहेड और महंगे iPhone मिले हैं। तृप्ति सिंह राजपूत खुद को एमपी टूरिज्म में एडिशनल हेड बताकर लोगों से मुलाकात करती थी।

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ऐसा हुआ मामले का खुलासा

मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित अशोकनगर के चंदेरी थाने पहुंचे। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि तृप्ति राजपूत नाम की महिला, जो खुद को IAS बताती है, उसने मानव संसाधन विकास मंत्रालय में नौकरी दिलाने के नाम पर कई युवाओं से 10 लाख रुपये की ठगी की है और जॉइनिंग लेटर भी व्हाट्सएप पर दिया है, जो फर्जी लग रहा है। जब पुलिस ने जांच की तो तृप्ति राजपूत और उसके भाई के फर्जीवाड़े के खेल का भंडाफोड़ हो गया।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी का झांसा

अब आपको फर्जी IPS ऋषि कुमार यादव के बारे में बताते हैं। गिरफ्तार ऋषि कुमार यादव खुद को 2016 बैच का IPS और इनकम टैक्स में जॉइंट इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बताता था। UPSC की तैयारी कर रहे एक दर्जन युवाओं को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी का झांसा देकर 8 लाख रुपये ठग लिए। फर्जी जॉइनिंग लेटर में स्पेलिंग मिस्टेक से पोल खुल गई। पीड़ित ने बताया कि फर्जी लेटर बनाकर जॉइनिंग लेटर दिया जाता था। मध्यप्रदेश के कई जिलों के बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया गया है।

छोटे शहरों में फर्जीवाड़ा

एमपी में सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं, छोटे शहरों में भी फर्जी अधिकारी बनकर ठगी की गई। इंदौर में एक फर्जी इस राज सोनी उर्फ हिमांशु पांचाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हिमांशु पांचाल खुद को एक आईएएस अफसर बताता था और घर के बाहर भी आईएएस राज सोनी के नाम से नेम प्लेट लगा रखी थी। हिमांशु पांचाल के ठगी का पर्दाफाश उस वक्त हुआ जब वो एक बड़े होटल में उसने खाना खाया और पैसे नहीं दिए खुद को अधिकारी बताया वो वहां से चला गया इसके बाद होटल स्टाफ पुलिस को सूचना दी।

नरसिंहपुर और उज्जैन में भी ऐसा ही खेल

वहीं नरसिंहपुर में मैट्रिमोनियल साइट पर खुद को IAS डॉक्टर बताकर महिला डॉक्टर से 3 लाख की ठगी की गई। उज्जैन में खुद को केंद्र सरकार का जॉइंट सेक्रेटरी बताकर VIP सुविधा लेने की कोशिश की गई।

पांच साल से चल रहा नेटवर्क!

तृप्ति का खेल सिर्फ ठगी तक नहीं था। विधानसभा परिसर के अंदर का उसका वीडियो सामने आया है। वीडियो में दो महिलाएं विशाखा तिरकम और ख्याति ढोलपुरे के साथ बेफिक्र अंदाज में वीडियो बनाते हुए कहती हैं, ‘हमारी हरकतों से कोई नहीं कह सकता हम IAS हैं’। अब दोनों महिलाओं के मामले में यह खुलासा हुआ है कि तृप्ति ने दोनों को भी पैसे लेकर IAS बनाने का झूठा वादा किया था। खुद को सीनियर IAS बताकर रौब जमाती थी। सूत्रों के अनुसार, 2021 से यह नेटवर्क चल रहा था। इन फर्जी अधिकारियों का तो गेम ओवर हो गया, लेकिन तृप्ति राजपूत, ऋषि कुमार यादव जैसे कितने ही फर्जी IAS, IPS शहर-शहर घूम रहे हैं, जो अपने अगले शिकार को ढूंढ रहे होंगे।

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