रायपुर। एक लंबे समय तक नक्सल हिंसा और अविकास की पहचान बन चुका छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग आज प्रदेश की साय सरकार के नेतृत्व में एक नई दिशा, नई ऊर्जा और नए विश्वास के साथ विकास की राह पर चल पड़ा है। बस्तर में यह परिवर्तन अचानक नहीं हो रहा है, बल्कि इसके पीछे एक स्पष्ट दृष्टिकोण, मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और जनकल्याण के प्रति समर्पित नेतृत्व का बड़ा योगदान रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) के कुशल नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा तैयार किया गया “विजन 2031” बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का एक ऐतिहासिक संकल्प है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर की संभली हुई स्थिति देखकर महसूस किया जा सकता है कि यदि नेतृत्व में दृढ़ता हो, नीतियां जनहितकारी हों और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो कैसा भी क्षेत्र हो, उसकी दशा सुधारी जा सकती है। बस्तर के लिए तैयार किया गया यह विजन एक व्यापक सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की यात्रा है, जिसमें विकास, सुरक्षा और समृद्धि तीनों को समान प्राथमिकता दी गई है।

‘नक्सलवाद से मुक्ति’ बन रहा विकास का मजबूत आधार

बस्तर के विकास में सबसे बड़ी अड़चन नक्सलवाद ही हुआ करता था। वर्षों तक इस क्षेत्र ने हिंसा, भय और अराजकता का सामना किया है। लेकिन छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी। 31 मार्च 2026 तक बस्तर को पूर्णतः नक्सलमुक्त बनाने का संकल्प समय से पहले पूरा करके राज्य की डबल इंजन सरकार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

साय सरकार की रणनीति से यह बात स्वयमेव सिद्ध हो गई है कि सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। जब क्षेत्र में शांति स्थापित होती है, तभी विकास के द्वार खुलते हैं। नक्सलवाद से मुक्ति के बाद आज बस्तर में सड़कें बन रही हैं, स्कूल खुल रहे हैं और निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

आय में छह गुना वृद्धि के लक्ष्य के साथ पूरा होगा बस्तर में आर्थिक सशक्तिकरण

विजन 2031 का सबसे आकर्षक पहलू है बस्तर के लोगों की आय में वृद्धि। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि सरकार ने 2031 तक बस्तर के मूलनिवासियों की औसत आय छह गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। प्रत्येक परिवार की मासिक आय 30,000 रुपये तक पहुंचाने की योजना इस बात का प्रमाण है कि सरकार बस्तर में वास्तविक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

वन उपज के बेहतर मूल्य, डेयरी नेटवर्क की स्थापना, कृषि सुधार और रोजगार के अवसरों के विस्तार के माध्यम से इस लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश की जा रही है। पूरी उम्मीद की जा रही है कि हर आदिवासी परिवार को एक गाय या भैंस उपलब्ध कराने की योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगी।

नियद नेल्लानार योजना से पहुंची गांव-गांव तक विकास की रोशनी

“नियद नेल्लानार योजना” मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सबसे महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल रही है। “आपका अच्छा गांव” यही अर्थ है इस योजना का। इसके माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के दूरस्थ गांवों तक विकास की बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

इस योजना के अंतर्गत उज्ज्वला गैस, राशन कार्ड, स्कूल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, आंगनबाड़ी, बैंकिंग सुविधा और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सेवाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं। साय सरकार की यह पहल केवल विकास का माध्यम ही नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु भी बन रही है।

शिक्षा और स्वास्थ्य से मजबूत हो रही भविष्य की नींव

विजन 2031 में शिक्षा और स्वास्थ्य को विशेष स्थान दिया गया है। अबूझमाड़ और जागरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जो इस बात का प्रमाण है कि साय सरकार बस्तर के बच्चों को बेहतर भविष्य देना चाहती है।

इसके साथ ही बस्तर में 36 लाख लोगों के लिए डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने की योजना से स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाए जा रहे हैं। इस प्रयास से उम्मीद की जा रही है कि बस्तर के सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर और समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

बुनियादी ढांचा बन रहा विकास की रीढ़

बस्तर 2.0 ब्लूप्रिंट के तहत आधारभूत संरचना के विकास पर प्राथमिकता के आधार पर ध्यान दिया जा रहा है। बस्तर में जगदलपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रेल परियोजनाओं के विकास, 228 नई सड़कों और 267 पुलों का निर्माण बस्तर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह मानना है कि जब तक बुनियादी ढांचा मजबूत नहीं होगा, तब तक विकास की गति तेज नहीं हो सकती। यही कारण है कि उनकी सरकार ने इस क्षेत्र में व्यापक निवेश किया है।

पर्यटन और संस्कृति बन रही बस्तर की पहचान

प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से सजे बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात और सिरपुर जैसे स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बस्तर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगी।

बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन स्थानीय युवाओं और कलाकारों को एक नया मंच दे रहे हैं। इससे न केवल संस्कृति संरक्षित हो रही है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव का माध्यम भी बन रही है।

कृषि और सिंचाई से उठा ग्रामीण समृद्धि की दिशा में मजबूत कदम

इंद्रावती नदी क्षेत्र में 2000 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाएं बस्तर के किसानों के लिए वरदान साबित होने वाली हैं। 32,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने की योजना से निश्चित तौर पर कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों के आर्थिक स्तर में सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नीतियों ने यह साफ कर दिया है कि वे केवल शहरी विकास ही नहीं, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध हैं।

दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा है अंजोर विज़न 2047

बस्तर के विकास को और गति देने के लिए तैयार किया जाने वाला “अंजोर विज़न 2047” भी छत्तीसगढ़ को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में पूरी पारदर्शिता के साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

विकास की ओर अग्रसर बस्तर

विजन 2031 बस्तर की जनता के सपनों को साकार करने का माध्यम है। छत्तीसगढ़ की साय सरकार के नेतृत्व में बस्तर आज एक नए युग में प्रवेश कर चुका है, जहां भय की जगह भरोसे ने ले ली है और अविकास ने समृद्धि का रूप ले लिया है।

ऐसी उम्मीद की जा सकती है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की नीतियों, योजनाओं, कार्यशैली, मॉनिटरिंग और नवाचार से आने वाले वर्षों में बस्तर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए विकास का एक आदर्श मॉडल बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर के संघर्ष की कहानी अब सफलता, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की कथा बन रही है।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H