अमेरिका के प्रतिष्ठित कॉर्नेल विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा ने न्यूयॉर्क की अदालत में विश्वविद्यालय प्रशासन और एक फ्रेटरनिटी (छात्र संगठन) ‘ची फी’ के 7 सदस्यों के खिलाफ ड्रग्स देकर गैंगरेप करने का मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि अक्टूबर 2024 में हुई इस घटना के बाद विश्वविद्यालय ने आरोपियों को बचाने की पूरी कोशिश की, जहां 5 आरोपियों को केवल निलंबन और निबंध लिखने जैसी मामूली सजा देकर छोड़ दिया गया, जबकि केवल 2 को निष्कासित किया गया।

क्या है पूरा मामला?

CBS न्यूज के अनुसार, मुकदमे के अनुसार, यह घटना 19 अक्टूबर, 2024 की रात की है। उस दिन 20 वर्षीय पीड़िता जेन डो (बदला हुआ नाम) विश्वविद्यालय परिसर में स्थित ‘ची फाई’ फ्रेटरनिटी हाउस में अपने एक दोस्त से मिलने गई थी। आरोप है कि फ्रेटरनिटी के 2 सदस्यों ने पीड़िता को शराब के नशे में होने का फायदा उठाकर जबरन ‘केटामाइन’ (नशीली दवा) सूंघने के लिए मजबूर किया। इसके बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद उन्होंने दुष्कर्म किया।

आरोपियों ने स्नैपचैट पर डाला फ्री ‘py का’ संदेश

आरोप है कि बेहोश होने के बाद एक आरोपी ने ‘ची फाई एक्टिव्स’ नाम के स्नैपचैट ग्रुप में मैसेज लिखा, ‘यहां फ्री py उपलब्ध है।’ जिसका मतलब था कि एक लड़की यौन संबंध के लिए उपलब्ध है। इस मैसेज को देखने के बाद ग्रुप के अन्य लड़के भी वहां पहुंच गए और उन्होंने बेहोशी की हालत में पीड़िता के साथ घंटों सामूहिक दुष्कर्म किया। इस स्नैपचैट बातचीत के स्क्रीनशॉट को कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया गया है।

मुकदमे में नामदज आरोपी कौन हैं?

पीड़िता के वकील थॉमस गिउफ्रा द्वारा अदालत में सौंपे गए दस्तावेजों में 7 आरोपियों के नामों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। इनमें मैथ्यू इंगल्स, जोनाथन नेवेल, विंस्टन ली, गिलियो लोपेज, डिएगो सराबिया, स्कॉट नॉरिस और स्कॉट क्रेट्जस्मार शामिल हैं।

विश्वविद्यालय और पुलिस प्रशासन ने नहीं की ठोस कार्रवाई

आरोप है कि पीड़िता ने घटना के 3 सप्ताह बाद विश्वविद्यालय पुलिस को मामले की रिपोर्ट की थी। इस पर विश्वविद्यालय ने आंतरिक स्तर पर कम से कम 12 सुनवाइयां कीं, लेकिन एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। टॉम्पकिंस काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के कार्यालय ने पुलिस जांच की समीक्षा करने के बाद कहा कि आपराधिक मामले को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं, जिसके कारण आरोपियों पर कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।

निबंध लिखने की मामूली सजा

आंतरिक जांच के बाद विश्वविद्यालय ने केवल 2 आरोपियों को निष्कासित किया, जबकि 5 को केवल कुछ समय के निलंबन, कार्यशालाओं में भाग लेने और निबंध लिखने जैसी मामूली दंडात्मक कार्रवाई के साथ छोड़ दिया। इससे दुखी होकर पीड़िता ने विश्वविद्यालय छोड़ दिया।

विश्वविद्यालय और पुलिस ने मामले पर क्या दी प्रतिक्रिया?

मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि उसने अपनी नागरिक अधिकार नीतियों के तहत मामले की पूरी जांच की है। सुरक्षा कदमों के तौर पर ‘ची फी’ के ‘शी’ चैप्टर को कैंपस से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। गोपनीयता कानूनों के चलते व्यक्तिगत छात्रों पर हुई कार्रवाई सार्वजनिक नहीं की जा सकती है। थॉम्पकिंस काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी कार्यालय ने कहा कि पुलिस जांच की समीक्षा के बाद आपराधिक आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले थे।

छात्र संघ के राष्ट्रीय मुख्यालय ने क्या कहा?

छात्र संघ संगठन ची फी के राष्ट्रीय मुख्यालय ने इन आरोपों को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कहा कि वे यौन हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। मामला न्यायालय में होने के कारण उन्होंने विस्तृत टिप्पणी से इनकार कर दिया, लेकिन निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करने की बात कही। पीड़िता ने अपनी याचिका में विश्वविद्यालय और अन्य प्रतिवादियों पर घोर लापरवाही, अनुबंध के उल्लंघन और राज्य के कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हर्जाने की मांग की है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m