अजय कुमार शास्त्री, बेगूसराय। बेगूसराय में जीडी कॉलेज के ओल्ड हॉस्टल कैंपस में फॉरेन लैंग्वेज, दिनकर चेयर रिसर्च सेंटर और इन्क्यूबेशन सेंटर के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सोमवार को एलएनएमयू के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी को छात्र संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा। कुलपति जैसे ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, लेफ्ट सहित कुछ छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। अपनी मांगों पर कुलपति से बातचीत की मांग कर रहे छात्र जब उनकी ओर से सुनवाई नहीं होने की बात कहने लगे तो कुछ छात्र उनकी गाड़ी के सामने एनएच पर लेट गए।
हंगामे के बीच कुलपित ने किया शिलान्यास
स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद एबीवीपी और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कुलपति की गाड़ी से दूर रखने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मौके पर कुलपति के खिलाफ ‘गो बैक’ समेत अन्य नारे लगाए गए। हंगामे के बीच कुलपति ने जल्दबाजी में शिलान्यास किया और वहां से निकल गए।
दो घंटे देर से पहुंचे कुलपति, पहले से तय था कार्यक्रम
बताया गया कि शिलान्यास कार्यक्रम दोपहर करीब दो बजे निर्धारित था। कुलपति तय समय से करीब दो घंटे बाद पावर हाउस के समीप कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही छात्र संगठनों का विरोध शुरू हो गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच तनाव की स्थिति को देखते हुए कुलपति ने संक्षिप्त रूप से शिलान्यास किया और वहां से रवाना हो गए।
इन मांगों को लेकर विरोध कर रहे थे छात्र
एआईएसएफ जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार के नेतृत्व में लेफ्ट छात्र संगठनों ने कुलपति के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने आउटसोर्सिंग बहाली में कथित अनियमितता की जांच, छात्र संघ चुनाव कराने और ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद नामांकन से वंचित छात्रों का नामांकन सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप था कि वे अपनी मांगों को लेकर कुलपति से बातचीत करना चाहते थे, लेकिन उन्हें पर्याप्त तवज्जो नहीं दी गई। इसी के बाद विरोध तेज हुआ।
दो गुटों में बंटे छात्र संगठन
कार्यक्रम के दौरान छात्र संगठनों के बीच भी टकराव की स्थिति बनी रही। एक ओर एबीवीपी और एनएसयूआई के कार्यकर्ता थे, जबकि दूसरी ओर लेफ्ट, राजद समेत अन्य छात्र संगठनों के कार्यकर्ता विरोध कर रहे थे। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। एबीवीपी और एनएसयूआई कार्यकर्ता प्रदर्शनकारी छात्रों को कुलपति तक पहुंचने से रोकने का प्रयास करते रहे।
जमीन के इस्तेमाल को लेकर भी है खींचतान
जीडी कॉलेज के ओल्ड हॉस्टल कैंपस की जमीन पर फॉरेन लैंग्वेज, दिनकर चेयर रिसर्च सेंटर और इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने की योजना को लेकर यह शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन की ओर से इसी परिसर में परीक्षा भवन बनाए जाने की मंशा की बात भी सामने आई थी। इस कारण शिलान्यास को लेकर पहले असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
बाद में कुलपति के स्तर से शिलान्यास का कार्यक्रम आगे बढ़ा और सोमवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। हालांकि, परीक्षा भवन के प्रस्ताव और विश्वविद्यालय की योजना के बीच वास्तविक स्थिति क्या है, इस पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित खींचतान के रूप में ही रखा जाना चाहिए, अंतिम विवाद के रूप में नहीं।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम के स्वागतकर्ता जीडी कॉलेज के प्राचार्य थे, जबकि संयोजक की जिम्मेदारी एसबीएसएस कॉलेज के प्राचार्य को दी गई थी। कार्यक्रम को लेकर कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी और संयोजक से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की।
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