संजीव, सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत में सावन और तीज के त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। बाजारों में घेवर की बढ़ती मांग के बीच विभाग की टीम ने वीरवार को गोहाना रोड और आसपास के इलाकों में सड़क किनारे घेवर बेचने वाले दुकानदारों और विभिन्न मित्र मंडलियों पर एक बड़ी कार्रवाई की है। मिलावटखोरी को रोकने के लिए अधिकारियों ने देसी घी, मावा और तैयार घेवर के कुल 13 सैंपल लेकर उन्हें सील कर दिया। इन सभी नमूनों को जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेजा गया है। इसके साथ ही बेहद खराब और संदिग्ध क्वालिटी का पाए जाने पर लगभग 28 किलो घेवर मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया।
शुद्ध देसी घी के दावों की खुलेगी पोल
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉक्टर बीरेंद्र यादव के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य उन दावों की सच्चाई जानना था, जिनमें दुकानदार अपने घेवर को शुद्ध देसी घी से बना बताकर ग्राहकों को बेच रहे हैं। विभाग का साफ कहना है कि त्योहारों के समय लोगों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान की शुरुआत कोर्ट रोड पर हनुमान मंदिर के पास मौजूद फौजी घेवर की दुकान से हुई, जहां से टीम ने तीन अलग-अलग सैंपल लिए। इसके बाद टीम युवा मित्र मंडली बड़वासनी पहुंची। वहां साफ-सफाई और रखरखाव में बड़ी कमियां पाई गईं, जिसके बाद खराब घेवर को जब्त कर मिट्टी में दबवा दिया गया।
सैंपल फेल होने पर दर्ज होगा मुकदमा
जांच टीम ने गोहाना रोड पर बड़वासनी फ्लाईओवर के पास पिनाना के नाम से चल रही कई अन्य मित्र मंडलियों की दुकानों की भी तलाशी ली। वहां से भी देसी घी और घेवर के नमूने इकट्ठे किए गए। डॉक्टर यादव ने बताया कि सभी 13 सैंपलों की रिपोर्ट करीब 14 दिनों के भीतर आ जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर सैंपल सब-स्टैंडर्ड यानी कम गुणवत्ता का पाया गया तो मामला एडीसी कोर्ट जाएगा। वहीं अगर घेवर अनसेफ यानी सेहत के लिए पूरी तरह असुरक्षित पाया गया तो सीधे सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। विभाग ने सभी दुकानदारों को अनिवार्य रूप से फूड लाइसेंस लेने के निर्देश भी जारी किए हैं।

