कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना के नियमों को सरल बनाते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। सरकार के इस फैसले से अब अधिक संख्या में लोग रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाकर योजना का लाभ उठा सकेंगे और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की सब्सिडी के अलावा ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। नई व्यवस्था के अनुसार आवेदन के समय केवल तत्काल पूर्ववर्ती बिलिंग चक्र में गैर-बकायेदार होना आवश्यक होगा, जिससे पहले की तुलना में अधिक उपभोक्ता योजना के दायरे में आ सकेंगे।

उन्होंने बताया कि योजना का लाभ गैर-बकायेदार घरेलू उपभोक्ताओं, राज्य सरकार के कर्मचारियों, अंत्योदय परिवारों तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के कर्मचारियों को भी मिलेगा। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़कर बिजली खर्च कम करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

परिवार पहचान पत्र (PPP) के अनुसार 3 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले अंत्योदय परिवार 2 किलोवाट तक के सौर संयंत्र पर अतिरिक्त राज्य सहायता के पात्र होंगे। वहीं 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को केंद्र सरकार की 30 हजार रुपये की सब्सिडी के साथ राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि अधिक से अधिक परिवार स्वच्छ और किफायती ऊर्जा का लाभ उठा सकें।