अनुज कुमार पांडेय, गोपालगंज। जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां सिधवलिया थाना क्षेत्र के बरहिमा गांव में शनिवार को पानी में डूबने से दो सगे चचेरे भाई-बहन की मौत हो गई। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​नहाने के दौरान गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान बरहिमा गांव निवासी हरेंद्र महतो के 9 वर्षीय पुत्र श्रेयांश कुमार और सुरेंद्र महतो की 8 वर्षीय पुत्री सलोनी कुमारी के रूप में की गई है। दोनों आपस में चचेरे भाई-बहन थे। बताया जाता है कि शनिवार को दोनों बच्चे गांव के ही कुछ अन्य बच्चों के साथ स्थानीय करस घाट पर नहाने के लिए गए हुए थे।​नहाने के दौरान खेल-खेल में दोनों बच्चे अचानक नदी के गहरे पानी की तरफ चले गए और डूबने लगे। उन्हें डूबता देख घाट पर मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत और कड़े प्रयास के बाद दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला।

​अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

​जब बच्चों को पानी से निकाला गया, तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजन बिना समय गंवाए दोनों बच्चों को आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर दौड़े। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था।अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद दोनों मासूमों को मृत घोषित कर दिया।

​पुलिस जांच में जुटी, ग्रामीणों ने की सुरक्षा की मांग

​इस हृदयविदारक घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय सिधवलिया थाना पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों मासूमों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की कानूनी तफ्तीश में जुट गई है।​इस हादसे ने पूरे बरहिमा गांव को झकझोर कर रख दिया है।घटना से आक्रोशित और दुखी ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से करस घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि घाट पर सुरक्षा घेरा या चेतावनी बोर्ड न होने के कारण अक्सर बच्चे गहरे पानी का अंदाजा नहीं लगा पाते। भविष्य में ऐसे किसी भी दर्दनाक हादसे को रोकने के लिए प्रशासन को तुरंत उचित कदम उठाने चाहिए।