पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 2026 की इंटरमीडिएट (12वीं) और मैट्रिक (10वीं) विशेष सह कंपार्टमेंटल परीक्षा का परिणाम आज आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इन परिणामों की घोषणा की। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर थी जो मुख्य बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण नहीं हो सके थे।

​परीक्षा परिणाम: एक नजर में

​शिक्षा मंत्री द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • ​इंटरमीडिएट (12वीं): कुल 6,498 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें से 3,711 सफल रहे। कुल पास प्रतिशत 55.31% रहा। इसमें छात्राओं का प्रदर्शन (59.29%) छात्रों (52.65%) की तुलना में बेहतर रहा।
  • ​मैट्रिक (10वीं): कुल 6,034 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे, जिनमें से 3,450 विद्यार्थी सफल घोषित हुए। कुल पास प्रतिशत 57.18% रहा, जिसमें छात्राओं का पास प्रतिशत 53.48% और छात्रों का 57.84% दर्ज किया गया।

​कब आयोजित हुई थी परीक्षाएं?

​इस वर्ष कंपार्टमेंटल परीक्षाओं का आयोजन मई महीने में किया गया था। मैट्रिक की परीक्षाएं 2 मई से 6 मई 2026 तक चलीं, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 2 से 11 मई तक आयोजित की गईं। सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए परीक्षाएं दो पालियों में संपन्न हुईं—पहली पाली सुबह 9:30 बजे से और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से निर्धारित थी।

​मुख्य परीक्षाओं का सारांश

​मैट्रिक (10वीं): इस वर्ष 15 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे, जिनमें 81.79% उत्तीर्ण हुए। सिमुलतला आवासीय विद्यालय की पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की सबरीन परवीन ने 98.4% अंकों के साथ संयुक्त रूप से टॉप किया।
​इंटरमीडिएट (12वीं): 23 मार्च को जारी परिणामों में 85.19% विद्यार्थी सफल रहे थे। साइंस में आदित्य प्रकाश, कॉमर्स में अदिति कुमारी और आर्ट्स में निशु कुमार ने अपने-अपने संकाय में राज्य में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था।

​कंपार्टमेंटल परीक्षा का महत्व

​बिहार बोर्ड उन छात्रों को विशेष मौका देता है जो मुख्य परीक्षा में एक या दो विषयों में असफल हो जाते हैं या किन्हीं अपरिहार्य कारणों से परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाते। यह व्यवस्था छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद होने से बचाती है और उन्हें अपनी योग्यता साबित करने का दूसरा अवसर प्रदान करती है। विद्यार्थी अपना परिणाम बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।