कुंदन कुमार/​पटना। बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक महत्वपूर्ण एआई (Artificial Intelligence) समिट के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का संबोधन इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस समिट में उन्होंने भविष्य की तकनीकों और अपराध नियंत्रण में उनकी भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

एआई तकनीक से लैस कर दिया जाए

समिट को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीक का उपयोग अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि सीसीटीवी कैमरों को एआई तकनीक से लैस कर दिया जाए, तो अपराधियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी बेहद आसान हो जाएगी। उन्होंने तकनीक की सटीकता पर बात करते हुए कहा कि आधुनिक कैमरे पल भर में संदिग्धों को ट्रैक करने में सक्षम होंगे।

​AI हरे गमछे वाले को भी पकड़ लेगा

​अपनी बात को समझाने के लिए सम्राट चौधरी ने एक उदाहरण दिया, जो अब सुर्खियों में है। उन्होंने कहा अगर किसी को पकड़ना है मान लीजिए कि किसी को हरा गमछा पहने व्यक्ति को पकड़ना है, तो एआई उसे तुरंत पहचान कर पकड़ लेगा। हालांकि उन्होंने तुरंत यह भी जोड़ा कि इसे अन्यथा न लिया जाए, यह महज तकनीक को समझाने के लिए एक उदाहरण था। ​गौरतलब है कि बिहार की राजनीति में ‘हरा गमछा’ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं की पहचान से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इस बयान को राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

​अपराधियों की कोई जाति नहीं होती: मुख्यमंत्री

​विवाद बढ़ता देख सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का स्पष्ट रुख है कि अपराधी अपराधी होता है। उन्होंने कहा कि पुलिस को पूरी छूट दी गई है और कार्रवाई निष्पक्ष रूप से की जा रही है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, जाति और धर्म देखकर अपराध पर कार्रवाई नहीं की जाती। अपराधी का न तो कोई धर्म होता है और न ही कोई जाति। जो कानून तोड़ेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। ​सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि राज्य सरकार तकनीक और पुलिस की सक्रियता के मेल से बिहार में अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका यह बयान जहां एक ओर एआई के सकारात्मक उपयोग पर केंद्रित था, वहीं राजनीतिक गलियारों में इस पर बहस भी शुरू हो गई है।