शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश में मेयर फंड पर ‘सरकार’ का ब्रेक लग गया है। इसी कड़ी में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने सभी कमिश्नर को पत्र लिखा है। पत्र में वार्षिक बजट में महापौर निधि के संबंध में कोई प्रावधान नहीं होने का उल्लेख किया गया है। अबकी बार बजट बनाते समय नियमों का ध्यान रखें।
मार्च में ही तपने लगा मध्य प्रदेश: पारा 39°C के पार, सामान्य से 3 से 4 डिग्री तक बढ़ा तापमान;
महापौर निधि के संबंध में कोई प्रावधान नहीं
दरअसल पत्र में लिखा गया – मप्र नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के अध्याय 7 नगर पालिक निधि के प्रावधान का हवाला दिया गया है। वित्तीय वर्ष में निगम बजट में महापौर निधि के संबंध में कोई प्रावधान नहीं है। बजट तैयार करते समय मप्र नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 और मप्र नगर पालिक निगम नियम 2018 के प्रावधान के अनुसार ही कार्रवाई की जाए।
बड़े नगर निगम के महापौर पर पड़ेगा असर
आदेश के बाद भोपाल, इंदौर जैसे बड़े नगर निगम के महापौर पर भी असर पड़ेगा। भोपाल में महापौर की ₹10 करोड़ सलाना निधि है। अध्यक्ष, एमआईसी मेंबर-पार्षदों की निधि दोगुनी हो चुकी है। पिछले साल बजट में जल, प्रॉपर्टी और ठोस एवं अपशिष्ट पर टैक्स को भी बढ़ाया गया है।


