अहमदाबाद। ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में बड़ा धमाका करते हुए गुजरात सरकार ने राज्य के दिव्यांगजनों को एक बड़ी सहूलियत दी है। अब राज्य के सभी 4.42 लाख से अधिक ‘दिव्यांग बस पास’ को सीधे ‘डिजिलॉकर’ (DigiLocker) ऐप से जोड़ दिया गया है। इस कदम के बाद अब दिव्यांग यात्रियों को बस में सफर के लिए प्लास्टिक या कागज का मूल पास साथ लेकर घूमने के झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है।

अब यात्री जैसे ही मोबाइल में डिजिलॉकर ऐप खोलकर अपना डिजिटल पास कंडक्टर को दिखाएंगे, उन्हें गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) की एसटी बसों में तुरंत मुफ्त यात्रा की सुविधा मिल जाएगी। पास के खो जाने, घर पर भूल जाने या उसके खराब होने का डर अब हमेशा के लिए खत्म हो चुका है।

डिजिटल गवर्नेंस में मिला राष्ट्रीय सम्मान

नागरिक सुविधाओं को इस तरह से टेक-सेवी और आसान बनाने के लिए गुजरात को केंद्र सरकार द्वारा ‘एक्सीलेंस इन सिटिजन-सेंट्रिक डिजिटल गवर्नेंस’ के राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है। मई 2026 में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (NeGD) ने गुजरात के इस मॉडल की जमकर सराहना की।

मुफ्त सफर के साथ 4 लाख का बीमा कवर

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा और सचिव हर्षद पटेल (IAS) ने बताया कि यह सुविधा ‘पेपरलेस गवर्नेंस’ की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस पहल के तहत यात्रियों को केवल मुफ्त यात्रा ही नहीं मिल रही, बल्कि यह पास धारकों को 4 लाख रुपये का दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर भी प्रदान करता है। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में नॉमिनी इस राशि का दावा कर सकता है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में उठाया गया यह कदम प्रधानमंत्री के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के सपने को सीधे तौर पर जमीन पर उतार रहा है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक
छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें