गुरुग्राम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुरुग्राम दौरे के दौरान काफिले को काले झंडे दिखाकर विरोध करना कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भारी पड़ गया। पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस के आठ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। वहीं, मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में चूक को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइन थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री जिला जनसंपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक के बाद गुरुग्राम विश्वविद्यालय में आयोजित ‘चौपाल’ कार्यक्रम और जेनएच स्टार्टअप समिट-2026 में हिस्सा लेने जा रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष वर्धन राव के नेतृत्व में 15 से अधिक कार्यकर्ता अचानक सड़क पर पहुंच गए और जेबों से काले कपड़े निकालकर मुख्यमंत्री के काफिले की ओर लहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे। मामले में पुलिस ने मानेसर से कांग्रेस की टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ चुके नीरज यादव समेत शिव, निखिल, अनुज, हरकेश, अमन, हरेंद्र और राजीव यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को शनिवार, 22 अगस्त को अदालत में पेश किया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने और सरकारी काम में रुकावट पैदा करने के आरोप हैं। हालांकि, कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन राव ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया था।
उधर, मुख्यमंत्री के काफिले तक प्रदर्शनकारियों के पहुंचने को लेकर पुलिस महकमे में भी कार्रवाई हुई है। सिविल लाइन थाना प्रभारी को सस्पेंड करने के साथ पुलिस कमिश्नर ने DCP वेस्ट और DCP क्राइम से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा इंटेलिजेंस इंचार्ज के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
एक ही घटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद गुरुग्राम में मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गरमा गया है।
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