हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं देने के निर्देश दिए। प्रदेश में 42.55 लाख से अधिक राजस्व अभिलेखों को आधार से जोड़ा गया है और 5 लाख से ज्यादा लंबित म्यूटेशन मामलों को निपटाया गया है।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में राजस्व विभाग की सेवाओं को और अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में सरकार ने डिजिटल बदलाव तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को हरियाणा निवास में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व विभाग की हर सेवा तकनीक आधारित, पारदर्शी और निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 5 लाख से अधिक लंबित इंतकाल (म्यूटेशन) मामलों का निपटारा किया जा चुका है। वहीं, 42.55 लाख से अधिक राजस्व अभिलेखों को आधार से जोड़ा जा चुका है। सरकार का दावा है कि आधार सीडिंग से भूमि रिकॉर्ड अधिक सटीक होंगे, डुप्लीकेट प्रविष्टियों पर रोक लगेगी और फर्जी भूमि लेन-देन पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

40 करोड़ से ज्यादा पुराने राजस्व अभिलेख डिजिटाइज

भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अब तक 40.20 करोड़ से अधिक पुराने राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। प्रदेश के 99 प्रतिशत गांवों के नक्शों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी हो चुकी है, जबकि करीब 60 लाख ततीमा नक्शे अपडेट किए गए हैं।

इसके अलावा, लगभग 95 प्रतिशत गांवों के नक्शे भू-नक्शा पोर्टल पर अपलोड हो चुके हैं। डिजिटलीकृत अभिलेखों में से 99.5 प्रतिशत से अधिक का प्रथम स्तर का सत्यापन भी पूरा किया जा चुका है।

25 लाख से ज्यादा लोगों को मिले संपत्ति कार्ड

नागरिक-केंद्रित सुधारों के तहत प्रदेश के 6,761 गांवों में संपत्ति कार्ड तैयार कर करीब 25.16 लाख संपत्ति मालिकों को वितरित किए जा चुके हैं। वहीं, भूमि अभिलेखों को डिजिटल रूप से मजबूत करने के लिए राज्य में 19 सीओआरएस स्टेशन स्थापित किए गए हैं और ड्रोन सर्वे के जरिए करीब 44 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर किया जा चुका है।

राजस्व शिकायतों में पारदर्शिता पर सीएम सैनी का जोर

मुख्यमंत्री ने राजस्व शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का आवेदन अस्वीकार किया जाता है और वह निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो उसे पुनर्विचार का उचित अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि हर अस्वीकृत आवेदन में कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए और अस्वीकृत मामलों की समय-समय पर रैंडम जांच की जाए, ताकि प्रक्रियागत गलती या गलत जांच के कारण कोई पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रह जाए।

15 अगस्त तक किसानों की एग्री स्टैक रजिस्ट्री बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि किसानों की एग्री स्टैक आईडी बनवाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने 15 अगस्त तक किसान पंजीकरण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में डिजिटल फसल सर्वेक्षण की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। आगामी फसल सीजन में प्रदेश के सभी गांवों को 100 प्रतिशत कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। अगस्त के मध्य से राज्यव्यापी सर्वे शुरू करने की तैयारी है।

हर जिले में कम से कम एक सरकारी अस्पताल को आधुनिक बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत और चिरायु हरियाणा योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर पात्र लाभार्थी को योजनाओं से जोड़ा जाए।

साथ ही, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक सरकारी अस्पताल को निजी अस्पतालों के समकक्ष आधुनिक सुविधाओं और बेहतर चिकित्सा सेवाओं से सुसज्जित किया जाए। उपायुक्तों को सरकारी अस्पतालों का नियमित औचक निरीक्षण करने तथा डॉक्टरों, दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता की व्यक्तिगत निगरानी करने के निर्देश दिए गए।