कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़।दिल्ली की भीड़भाड़ वाली मंडियों का विकल्प अब हरियाणा बनने की तैयारी में है। प्रदेश सरकार ने ऐसा प्लान तैयार किया है, जो आने वाले वर्षों में उत्तर भारत के व्यापारिक नक्शे को बदल सकता है। मुख्यमंत्री ने खुद व्यापारियों से मुलाकात कर बड़े निवेश का न्योता दिया है।
सरकार का दावा है कि यहां सिर्फ दुकानें या गोदाम नहीं बनेंगे, बल्कि विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस आधुनिक ट्रेडिंग हब तैयार होगा। इसके लिए दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठनों से सुझाव भी लिए गए हैं और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिया गया है।
दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इलेक्ट्रॉनिक्स, मार्बल, ड्राई फ्रूट, लोहा मंडी समेत 26 व्यापारिक एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के आसपास हरियाणा में विश्वस्तरीय मार्केट विकसित की जाएगी, जहां चौड़ी सड़कें, आधुनिक वेयरहाउस, बेहतर लॉजिस्टिक्स, ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रदूषण मुक्त वातावरण जैसी सुविधाएं होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतसर के ड्राई फ्रूट व्यापारियों ने करीब 280 प्लॉट और लुधियाना के व्यापारियों ने करीब 180 प्लॉट पहले ही ले लिए हैं, जिससे हरियाणा में बड़े व्यापारिक क्लस्टर आकार लेने लगे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार लगभग 5,000 एकड़ में ‘नमो सिटी’ विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा राई में मारुति का विशाल प्लांट, खरखौदा में आईएमटी और इलेक्ट्रिक व्हीकल जोन तथा 600 एकड़ में आधुनिक हॉर्टिकल्चर मंडी जैसी परियोजनाएं भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि निवेशकों को सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टाइम-बाउंड अप्रूवल और विशेष प्रोत्साहन पैकेज दिए जा रहे हैं, ताकि हरियाणा देश का सबसे पसंदीदा निवेश और व्यापारिक केंद्र बन सके। वहीं उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत सड़क नेटवर्क और एनसीआर से सीधी कनेक्टिविटी हरियाणा को व्यापार के लिए सबसे उपयुक्त राज्य बनाती है।

