Rajasthan News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर देशभर में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। आईटी और टेक इंडस्ट्री में AI सबसे चर्चित क्षेत्र बना हुआ है, लेकिन देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में इस बार तस्वीर कुछ अलग नजर आई है। ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) काउंसलिंग 2026 के आंकड़ों से पता चलता है कि AI से जुड़े कई कोर्सों में इस बार पिछले साल की तुलना में कम रैंक वाले छात्रों को भी प्रवेश मिल गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, IIIT कोटा, IIT जोधपुर और MNIT जयपुर जैसे संस्थानों में AI कोर्सों की क्लोजिंग रैंक में 390 से लेकर 4000 से ज्यादा तक की गिरावट दर्ज की गई है। इसका मतलब है कि जिन सीटों पर पहले बेहतर रैंक वाले अभ्यर्थियों का चयन होता था, इस बार वहां अपेक्षाकृत कम रैंक वाले छात्रों को भी एडमिशन मिल गया।

सबसे बड़ा बदलाव IIIT कोटा में देखने को मिला। यहां Artificial Intelligence and Data Engineering कोर्स की क्लोजिंग रैंक पिछले साल 25,801 थी, जो इस बार बढ़कर 29,872 पहुंच गई। यानी करीब 4,071 रैंक की गिरावट दर्ज हुई। वहीं इस कोर्स की ओपनिंग रैंक भी पिछले साल 11,695 से बदलकर 21,347 हो गई, जो करीब 9,652 रैंक का अंतर दिखाती है।

केवल AI ही नहीं, IIIT कोटा के Computer Science and Engineering (CSE) कोर्स में भी बदलाव देखने को मिला। पिछले साल जहां 23,800 रैंक तक एडमिशन बंद हो गया था, वहीं इस बार 27,568 रैंक तक के छात्रों को प्रवेश मिला। यानी क्लोजिंग रैंक में 3,768 की गिरावट दर्ज की गई। इस कोर्स की ओपनिंग रैंक में भी 2,343 रैंक का बदलाव आया है।

इसी तरह Electronics and Communication Engineering (ECE) ब्रांच की क्लोजिंग रैंक भी पिछले साल 30,755 से बढ़कर इस बार 34,014 तक पहुंच गई।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव छात्रों की बदलती पसंद, संस्थानों के चयन और करियर प्राथमिकताओं का संकेत हो सकता है। हालांकि AI इंडस्ट्री में मांग लगातार बनी हुई है, लेकिन JoSAA 2026 के आंकड़े बताते हैं कि इस बार कई प्रतिष्ठित संस्थानों में AI और उससे जुड़े कोर्सों के लिए पहले जैसा प्रतिस्पर्धी माहौल देखने को नहीं मिला।

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