वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के हिलसा अनुमंडल कार्यालय से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। निगरानी विभाग की टीम ने विधि शाखा के प्रधान सहायक और उनके कथित प्राइवेट मुंशी को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे अनुमंडल कार्यालय में हड़कंप मच गया।

19 जून को मिली थी शिकायत

निगरानी विभाग के अनुसंधानकर्ता डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि परिवादी दिलीप नारायण सिंह ने 19 जून 2026 को निगरानी थाना, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका हिलसा अनुमंडल कार्यालय में वाद संख्या 433 M/2022 के तहत एक सिविल विवाद का मामला लंबित है।

पक्ष में फैसला देने के लिए मांगी थी रिश्वत

शिकायत के अनुसार, मामले में उनके पक्ष में फैसला करवाने के लिए विधि शाखा के प्रधान सहायक नीलम चौधरी ने रिश्वत की मांग की थी। आरोप था कि राशि उनके कथित प्राइवेट मुंशी सुनील कुमार के माध्यम से ली जा रही थी। निगरानी विभाग ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या 78/26 दर्ज कर विशेष धावा दल का गठन किया गया।

निगरानी टीम ने जाल बिछाकर किया गिरफ्तार

इस बीच आज बुधवार (1, जुलाई) को टीम ने अनुमंडल कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही परिवादी ने प्रधान सहायक के निर्देश पर सुनील कुमार को 22 हजार रुपये दिए, निगरानी टीम ने दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस राशि में 20 हजार रुपये प्रधान सहायक के लिए और 2 हजार रुपये प्राइवेट मुंशी के लिए तय किए गए थे।

आगे की कार्रवाई में जुटा विभाग

निगरानी विभाग ने बताया कि पूरी कार्रवाई के दौरान बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी की गई, जिसमें कथित रूप से रिश्वत लेने का निर्देश दर्ज है। इसी साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पटना ले जाया गया है। मामले की जांच जारी है।

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