इंदर कुमार, जबलपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान के बीच चल रहे मानहानि केस की सुनवाई एक बार फिर आगे बढ़ गई है। जबलपुर हाईकोर्ट में बुधवार को इस मामले पर सुनवाई होनी थी लेकिन दोनों ही पक्षों के उपस्थित न होने के चलते कोर्ट ने आगामी तारीख तय कर दी है। अब इस पूरे प्रकरण पर 23 जून 2026 को अगली सुनवाई की जाएगी।
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वकीलों की गैरहाजिरी के कारण नहीं हो सकी बहस
यह पूरा मामला हाईकोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए लिस्टेड थी। हालांकि जब कोर्ट में यह केस पुकारा गया तो दोनों ही पक्षों के वकील किन्हीं कारणों से अनुपस्थित रहे। वकीलों की गैरमौजूदगी और कोर्ट रूम में दोनों पक्षों की ओर से किसी के उपस्थित न होने के चलते मामले पर आगे बहस नहीं हो सकी। इसके बाद कोर्ट ने प्रकरण को आगामी 23 जून तक के लिए स्थगित कर दिया।
क्या है पूरा विवाद और क्यों पहुंचे हाईकोर्ट?
यह विवाद साल 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ था। झाबुआ में चुनाव जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स लीक का जिक्र किया था। राहुल गांधी ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से तुलना करते हुए कहा था कि पाकिस्तान में पनामा पेपर्स मामले में उन पर कार्रवाई हुई लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा कुछ नहीं हुआ।
जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान ने भोपाल की विशेष MP-MLA कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया और इसे अपनी छवि धूमिल करने वाला बयान बताया। जिस पर अदालत ने मानहानि के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को समन जारी कर अदालत में पेश होने का आदेश दिया था। राहुल गांधी की ओर से इस समन आदेश और पूरी कार्यवाही को जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी गई।
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हाईकोर्ट पहले ही तलब कर चुका है रिकॉर्ड
इस मामले की पिछली सुनवाइयों के दौरान जबलपुर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए भोपाल की निचली अदालत (MP-MLA कोर्ट) की पूरी ‘ऑर्डर शीट’ और केस से जुड़े अन्य रिकॉर्ड्स को अपने पास तलब कर लिया था। हाईकोर्ट इस बात की समीक्षा कर रहा है कि निचली अदालत द्वारा जारी समन वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप है या नहीं।

