कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश में ग्राम रोजगार सहायकों के हो रहे तबादलों के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने रोजगार सहायकों के स्थानांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत हलफनामे (Affidavit) के साथ जवाब पेश करने के सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने राज्य सरकार की तबादला नीति और प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इस पूरे विषय पर सरकार से ‘श्वेत पत्र’ (White Paper) में स्पष्टीकरण मांगा है।

‘कैसे हो रहे ट्रांसफर?’ – कोर्ट का अहम सवाल

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए पूछा कि आखिरकार “किस आधार और प्रक्रिया के तहत ग्राम रोजगार सहायकों के ट्रांसफर किए जा रहे हैं? याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि ग्राम रोजगार सहायक का पद संविदा और स्थानीय स्तर का पद है, जो गैर-स्थानांतरणीय (Non-Transferable) की श्रेणी में आता है। इसलिए इनका एक स्थान से दूसरे स्थान पर तबादला करना नियमों के विपरीत है। वहीं राज्य शासन की ओर से तर्क दिया गया कि वर्तमान प्रशासनिक नीति के अनुसार यह पद स्थानांतरणीय (Transferable) है और नियमों के तहत ही तबादले किए जा रहे हैं।

अगली सुनवाई तक तबादलों पर रोक

हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रोजगार सहायकों के तबादला आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रमुख सचिव का जवाब और सरकार का श्वेत पत्र सामने आने के बाद ही इस व्यवस्था पर आगे का फैसला लिया जाएगा। हाईकोर्ट के इस सख्त रुख से राज्यभर के ग्राम रोजगार सहायकों को बड़ी राहत मिली है।

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