जिला मैजिस्ट्रेट अंकुरजीत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा एक्ट – 2023 की धारा 163 के तहत जिला सीमा के भीतर सूचीबद्ध क्षेत्रों से हरे आम, नीम, पीपल और बरगद के बहुत महत्वपूर्ण पेड़ों को काटने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों में कहा गया है कि यदि विशेष परिस्थितियों में उक्त वृक्षों को काटना आवश्यक हो तो वन विभाग की स्वीकृति से ही इन्हें काटा जाए।
इस प्रयोजन के लिए वन विभाग उसी प्रक्रिया का पालन करेगा जो पंजाब भूमि संरक्षण एक्ट-1900 की धारा 4 और 5 के तहत बंद क्षेत्रों में परमिट देने के लिए अपनाई गई है। यदि डीलिस्टेड क्षेत्र के अलावा जिले में किसी स्थान पर हरे आम, नीम, पीपल और बरगद के पेड़ों को काटना आवश्यक हो तो ऐसा कार्य डिप्टी कमिश्नर दफ्तर से अनुमति प्राप्त करने के पश्चात ही किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, वन्यजीव और पक्षी आमतौर पर इन बड़े पेड़ों पर बसेरा करते हैं। ऐसे पेड़ों को काटने से न केवल पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, बल्कि पक्षियों के बसेरा स्थलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण पक्षियों की कई प्रजातियां विलुप्त होती जा रही हैं। इस कारण इनकी कटाई पर रोक लगाना आवश्यक है। उक्त आदेश 12 मई तक प्रभावी रहेंगे।
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