पाकिस्तान में अमूमन फौज के खिलाफ बोलने की हिम्मत कोई नहीं करता, लेकिन एक कद्दावर नेता ने सीधे देश के आर्मी चीफ आसिम मुनीर खुली चुनौती दे डाली है. पाकिस्तान के जाने-माने नेता और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (फजल) के प्रमुख मौलाना फज़लुर रहमान ने आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को खुलेआम चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और रक्षा को छोड़कर सेना हर काम में लगी हुई है.
इमरान खान सरकार गिराने में अहम भूमिका निभाने वाले मौलाना फजलुर रहमान अब सेना के राजनीतिक दखल के सबसे मुखर आलोचक बन गए है.
पाकिस्तान के पंजाब में एक जनसभा को संबोधित करते हुए जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (फजल) प्रमुख मौलाना फज़लुर रहमान ने कहा, “अगर आप राजनीति करना चाहते हैं, तो अपनी वर्दी उतारकर आएं. ये सब चुनौती भरी बातें उन्होंने आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को कही है.
फजलुर रहमान को लंबे समय से अफगान तालिबान का समर्थक माना जाता है. उनकी पार्टी के कई मदरसों से तालिबान के नेताओं ने शिक्षा हासिल की. वह पाकिस्तान में शरिया कानून लागू करने के पक्षधर रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि हथियारों के बल पर शरिया लागू करना इस्लाम के खिलाफ है.
एक जनसभा को संबोधित करते हुए मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तानी सेना पर देश के राजनीतिक मामलों में हद से ज्यादा दखल देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और रक्षा को छोड़कर सेना हर काम में लगी हुई है. उन्होंने अफगानिस्तान के अंदर घुसकर सैन्य कार्रवाई करने की सैन्य नीति की भी कड़ी आलोचना की है.
ताज्जुब की बात तो यह है कि मौलाना फजलुर रहमान कभी उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने 2022 में इमरान खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई. वह मशहूर देवबंदी धर्मगुरु और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती महमूद के बेटे हैं.
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