अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. इस बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के टैंकरों पर हमले कर दिए जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई. अब इस मामले में भारत ने सख्त रुख अख्तियार किया है. भारत सरकार ने मामले में ईरानी दूतावास को तलब किया है. भारत के समन किए जाने के बाद ईरानी राजनयिक विदेश मंत्रालय पहुंचे.

इनमें ईरान के डिप्टी चीफ मिशन (DCM) मोहम्मद जवाद हुसैनी भी शामिल थे. खबर है कि, भारतीय अधिकारियों ने ईरान के सामने समुद्र में काम करने वाले अपने बड़े समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. इस इलाके में हजारों भारतीय नागरिक मर्चेंट जहाजों पर काम करते हैं और अक्सर वे बहुत ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में होते हैं.

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने दागी मिसाइल

बता दें एक बार फिर अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है. अमेरिका ताबड़तोड़ हमले कर ईरान पर कहर बरपा दिया है. अमेरिका लगातार तीसरी रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला कर ड्रोन-मिसाइल ठिकाने को तबाह कर दिया. ईरान के बंदर अब्बास, किश द्वीप, बुशहर प्रांत के जम शहर और क़ेश्म द्वीप में कई जोरदार धमाके सुनाई दिए. वहीं ईरान भी अमेरिकी हमले के जवाब में खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है. 

ईरान की आईआरजीसी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास यूएई (UAE) के दो ऑयल टैंकरों पर मिसाइल हमला. ईरान के हमले में भारतीय नाविक की मौत हो गई। जबकि छह भारतीयों समेत आठ चालक दल के सदस्य घायल हो गए. इनमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी शामिल हैं. घायलों में से चार की हालत गंभीर है. वहीं इस ईरानी हमले के बाद दोनों टैंकर्स में आग लग गई थी, जिन पर बाद में काबू पा लिया गया था.

हमलों पर भड़का UAE

यूएई ने ईरान के इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है. साथ ही इस तरह के हमलों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है. UAE ने कहा, ‘हमारे पास इस तनाव को बढ़ाने वाली कार्रवाई का जवाब देने का पूरा अधिकार है.’

यह घटना ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट एक संवेदनशील केंद्र बना हुआ है. बता दें कि होर्मुज वह संकरा समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का करीब 5वां हिस्सा तेल एक्सपोर्ट होता है.

UAE के किन टैंकर्स पर हुआ हमला?

ओमान की समुद्री सीमा में हुए ईरान के इस हमले ने पश्चिम एशिया में तनाव को और भी बढ़ा दिया है. इसके बाद होर्मुज में कमर्शियल जहाजों के नेविगेशन पर और खतरा बढ़ गया है. UAE के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले के बाद बयान जारी कर बताया कि जिन जहाजों पर हमला हुआ, वे तेल टैंकर ‘मोम्बासा’ और LNG कैरियर ‘अल बहिया’ थे. UAE ने कहा कि दक्षिणी शिपिंग लेन से गुजरते समय दोनों जहाजों पर ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया.

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