चंकी बाजपेयी, इंदौर। क्राइम ब्रांच ने साइबर फ्रॉड का इस्तेमाल करने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। इंदौर की मालवा मिल स्थित ‘रावत कलेक्शन’ से एक्टिवेट की गई फर्जी सिम कार्ड्स के ज़रिए महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और अब उत्तर प्रदेश में करीब 84.58 लाख रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया है। राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय से मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने दुकान संचालक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है।
ये भी पढ़ें: तेज बारिश के बीच बनास नदी में बहकर आया अज्ञात शव: पेड़ की टहनियों में फंसा मिला, इलाके में मचा हड़कंप
इंदौर से फर्जी सिम एक्टिवेट; जांच में मिले 67 और संदिग्ध नंबर
साइबर अपराधियों और सिम वेंडर्स के बीच गठजोड़ का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने इस नेक्सस को क्रैक किया है। क्राइम ब्रांच ने दुकान संचालक राजेंद्र रावत और उसके साथी आनंद वासरे व सूरज सिंह को गिरफ्तार किया है।
गिरोह ने उत्तर प्रदेश के एक कारोबारी को बड़े मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की चपत लगाई। इसके अलावा पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में भी इन्हीं चार सिमों का इस्तेमाल कर 84.58 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।
ये भी पढ़ें: जलप्रलय में फंसा सतना! मंदाकिनी के रौद्र रूप से सड़कें बनीं नदियां-चली नावें, 200 गांवों का संपर्क टूटा और एक मौत
बैंक खातों से जुड़ी थीं सिम, रजिस्टर में 67 और सिम की एंट्री
जांच में सामने आया है कि एक्टिवेट की गई फर्जी सिम सीधे बैंक अकाउंट्स से कनेक्ट थीं, जिसका इस्तेमाल साइबर ठग पैसों के हेरफेर के लिए कर रहे थे।
दुकान के रजिस्टर की जांच में 67 अन्य एक्टिवेटेड सिम कार्ड्स का रिकॉर्ड मिला है, जिनकी गहनता से जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में जल्द ही कुछ और बड़े नामों का खुलासा और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

