हेमंत शर्मा, इंदौर। विश्व सिकल सेल एनीमिया दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के इंदौर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य आतिथि के रूप में शामिल हुईं। महामहिम की मौजूदगी के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में चल रहे सिकल सेल उन्मूलन अभियान की उपलब्धियां गिनाईं। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश ने तय समय से पहले सवा करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग पूरी कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर आनुवंशिक बीमारी है, जो केवल एक व्यक्ति ही नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रभावित कर सकती है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी की समय पर पहचान और रोकथाम के लिए प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग ने निर्धारित लक्ष्य से पहले ही करीब सवा करोड़ लोगों की जांच पूरी कर ली। सीएम ने कहा कि सिकल सेल के खिलाफ यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से शुरू हुआ था। सबसे पहले गुजरात में इसकी शुरुआत की गई और बाद में इसे देशव्यापी अभियान का रूप दिया गया।
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उन्होंने आगे कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। बड़े पैमाने पर मरीजों की पहचान हुई है, जिनका उपचार शुरू किया गया है और कई मरीजों में उपचार का असर भी दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल जांच और उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रही है।
लोगों को बीमारी के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सके। प्रदेश सरकार का दावा है कि स्क्रीनिंग, उपचार और जनजागरूकता के संयुक्त प्रयासों से सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ लड़ाई को नई मजबूती मिली है और आने वाले समय में इसके और बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।


