अवसर एक जीवन काल में हर एक के द्वार पर एक ना एक बार दस्तक ज़रूर देता है. सफलता उन्हीं को मिलती है जो अवसर की हर दस्तक के लिए चैतन्य रहते हैं. “The early bird catches the worm” अंग्रेज़ी की इस प्रसिद्ध कहावत में भी यही संदेश है कि सजग, सक्रिय और समय का महत्व समझने वाला ही दूसरों से आगे निकल सकता है.

दिनमपि रजनी सायं प्रातः शिशिरवसन्तौ पुनरायाताः।
कालः क्रीडति गच्छत्यायुस्तदपि न मुञ्चत्याशावायुः॥
आदि शंकराचार्य द्वारा रचित प्रसिद्ध ‘भज गोविन्दम्’ से ली गई इस पंक्ति में कहा गया है कि दिन, रात, संध्या, प्रातःकाल, शिशिर और वसंत ऋतुएं बार-बार आती हैं. समय निरंतर बीतता जा रहा है और जीवन भी घट रहा है, फिर भी मनुष्य की इच्छाएं समाप्त नहीं होतीं. इसलिए समय रहते सार्थक कर्म करना आवश्यक है.
स्मरण रहे अवसर का स्वर मंडल बहुत छोटा होता है वो कभी भी शोर मचा कर नहीं आता. कई बार एक छोटा-सा निर्णय, सही समय पर उठाया गया एक सही क़दम या किसी संभावना को ठीक समय पर पहचान लेना भी जीवन की दिशा बदल सकता है. आलस्य, संकोच और ‘कल करेंगे’ की मानसिकता के साथ कभी भी अवसरों को नही पकड़ा जा सकता.
क्षणशः कणशश्चैव विद्यामर्थं च साधयेत्. क्षणे नष्टे कुतो विद्या कणे नष्टे कुतो धनम्॥
समय और धन दोनों के सदुपयोग पर आधारित यह सुभाषित हमें संदेश देता है कि हर क्षण और हर छोटे अवसर का सदुपयोग करके ज्ञान और संपत्ति अर्जित करनी चाहिए क्योंकि बीता हुआ क्षण वापस नहीं आता.
सफल और सामान्य लोगों के बीच का अंतर अक्सर प्रतिभा का नहीं समय पर निर्णय लेने की क्षमता का होता है. संभावनाओं के लिए जागरूक ही अपने हिस्से का अवसर पकड़ पाता है. कभी लौटकर ना आने वाली नदी की धारा है समय . इसलिए जीवन में जब भी अवसर सम्मुख हो तो विवेक और साहस के साथ उसे अपना लेना चाहिए. सही अवसर और सही समय के मिलन को ही सफलता कहते हैं.

संदीप अखिल
सलाहकार संपादक
न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़/लल्लूराम डॉट कॉम
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