जहानाबाद। जिले के सदर अस्पताल में मंगलवार की शाम उपचार के दौरान एक 15 वर्षीय किशोरी, रिचा कुमारी की दर्दनाक मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

​क्या है पूरा मामला?

​मृतका रिचा कुमारी परसबीघा थाना क्षेत्र के उदयपुरा गांव निवासी रंजीत कुमार की पुत्री थी। परिजनों के अनुसार, मंगलवार की शाम रिचा की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे आनन-फानन में इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल लाया गया। वहां उसे डॉ. अरविंद कुमार नंदा की निगरानी में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टर ने बच्ची की स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया और इलाज की पूरी जिम्मेदारी नर्सों के भरोसे छोड़ दी। उपचार के दौरान ही रिचा ने दम तोड़ दिया।

​परिजनों का आक्रोश और अस्पताल में अफरा-तफरी

​जैसे ही रिचा की मौत की सूचना परिजनों को मिली, वे आक्रोशित हो उठे। परिजनों का आरोप है कि यदि डॉक्टर ने समय रहते बच्ची को देखा होता और उचित उपचार किया होता, तो उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी। इस लापरवाही के विरोध में परिजनों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अस्पताल के कई स्वास्थ्यकर्मी और कर्मचारी अपनी जान बचाते हुए कक्ष छोड़कर बाहर निकल गए।

​पुलिस का हस्तक्षेप और आश्वासन

​मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना प्रभारी उमेश प्रसाद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। थाना प्रभारी ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी और यदि लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
​फिलहाल इस घटना के बाद मृतक बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे अस्पताल परिसर में शोक के साथ-साथ भारी तनाव व्याप्त है। वहीं इस पूरे प्रकरण पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।