झांसी. जिले के मारकुआं और पुछी गांवों में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बारिश के कारण दोनों गांवों में 50 से अधिक कच्चे और खपरैल मकान ढह गए. मकानों के मलबे में गृहस्थी का सामान और अनाज दबकर खराब हो गया. कई परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है.
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दो गांवों में 50 से ज्यादा मकान धराशायी
लेखपाल आलोक कुमार यादव ने सोमवार (7 सितंबर 2026) को दोनों गांवों का दौरा कर बारिश से हुए नुकसान का सर्वे किया. उन्होंने बताया कि पुछी गांव में करीब दो दर्जन और मारकुआं में लगभग तीन दर्जन कच्चे खपरैल मकान बारिश के चलते गिर गए हैं. कई मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुके हैं.
घरों में भरा पानी, मोटर पंप से निकासी
लगातार बारिश के चलते कई घरों में अभी भी पानी भरा हुआ है. ग्रामीण मोटर पंप की मदद से घरों से पानी निकालने में जुटे हैं. मकान गिरने से प्रभावित परिवारों की गृहस्थी का सामान और घर में रखा अनाज भी बारिश और मलबे में दबकर खराब हो गया है.
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बेघर परिवार पॉलीथीन की झोपड़ी में रहने को मजबूर
मकान ढहने के बाद कई परिवारों के पास सिर छिपाने के लिए सुरक्षित जगह नहीं बची है. प्रभावित लोग फिलहाल पॉलीथीन की झोपड़ियां बनाकर रहने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का उचित आकलन कर राहत और आवास की व्यवस्था कराने की मांग की है.



