Pradhan Mantri Jan-Dhan Yojana (PMJDY): पीएम मोदी ने अपने पहले शासनकाल में प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना था। प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत 12 अगस्त 2026 तक देश भर में कुल 59.03 करोड़ (59,03,74,907) से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। वहीं अब पीएम मोदी की प्रधानमंत्री जन धन योजना पर बड़ा खुलासा हुआ है। जन धन योजना के तहत खोला गया हर चौथा अकाउंट बंद पड़ा हुआ है। सबसे अधिक 3.23 करोड़ जन धन अकाउंट उत्तर प्रदेश में बंद हो गए हैं। वहीं 5.72 करोड़ खातों में जीरो बैलेंस है।

प्रधानमंत्री जन धन योजना पर बड़ा खुलासा आरटीआई ( RTI) के माध्यम से हुआ है। RTI के जरिए मिले आंकड़ों के मुताबिक लोगों ने अकाउंट को खुलवा लिया लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं किया। इस खुलासे के बाद पीएम मोदी की महत्वकांक्षी योजना सवालों के घेरे में आ गई है।

वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) ने एक्टिविस्ट चंद्रशेखर गौर की RTI अर्जी के जवाब में ये जानकारी दी है। RTI के मुताबिक, देश में कुल 59,03,74,907 जनधन खाते हैं। इनमें से 15,36,77,009 खाते निष्क्रिय बताए गए हैं। यानी कुल खातों का करीब एक चौथाई हिस्सा फिलहाल इस्तेमाल में नहीं है। वहीं, 5,72,35,490 खातों में एक भी रुपया जमा नहीं है।

जनधन खातों की स्थितिसंख्या
कुल खाते59.03 करोड़
कुल जमा राशि₹3.15 लाख करोड़ से ज्यादा
निष्क्रिय खाते15.36 करोड़
जीरो बैलेंस खाते5.72 करोड़
महिला और ट्रांसजेंडर खाताधारक32.89 करोड़
पुरुष खाताधारक26.14 करोड़

यूपी नंबर 1, बिहार दूसरे स्‍थान पर

  • इनऑपरेटिव अकाउंट में यूपी सबसे आगे हैं, यहां पर 3.23 करोड़ जन धन अकाउंट बंद पड़े हैं।
  • इसके बाद बिहार में 1.59 करोड़ अकाउंट बंद हैं।
  • मध्य प्रदेश में 1.35 करोड़ अकाउंट बंद है।
  • फिर पश्चिम बंगाल में 1.02 करोड़ अकाउंट बंद है।
  • और महाराष्ट्र में 97.94 लाख अकाउंट बंद पड़े हैं।

5.72 करोड़ खातों में नहीं है पैसे

  • RTI के जरिए मिले आंकड़ों के मुताबिक, जन धन योजना के 5.72 करोड़ से ज्यादा अकाउंट में कोई पैसा जमा नहीं है।
  • इसमें सबसे ज्यादा 95.92 लाख जीरो-बैलेंस अकाउंट उत्तर प्रदेश में है।
  • इसके बाद बिहार में 62.35 लाख।
  • फिर पश्चिम बंगाल में 37.30 लाख।
  • असम में 36.30 लाख खातों में जीरो बैलेंस है।
  • महाराष्ट्र में 36.04 लाख अकाउंट में बैलेंस जीरो है।

सरकार के पास किन जानकारियों का रिकॉर्ड नहीं है

RTI जवाब में यह भी कहा गया कि केंद्र सरकार के पास जनधन खातों के बैलेंस, जीरो बैलेंस और निष्क्रिय खातों का जेंडर के हिसाब से अलग-अलग केंद्रीय रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। इसके अलावा, ₹100 से कम बैलेंस वाले खाते, पिछले पांच साल में बंद हुए खाते और संदिग्ध लेनदेन या साइबर फ्रॉड की वजह से ब्लॉक या फ्रीज किए गए खातों की जानकारी भी केंद्र के पास केंद्रीय स्तर पर उपलब्ध नहीं है। RTI में 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का राज्यवार डेटा दिया गया।

इस राज्य में सबसे ज्यादा जन धन अकाउंट

  • सबसे आगे उत्तर प्रदेश है, जहां पर 10.51 करोड़ जन धन अकाउंट हैं।
  • इसके बाद बिहार में 7.01 करोड़ अकाउंट है।
  • पश्चिम बंगाल में 5.73 करोड़ अकाउंट है.
  • फिर राजस्थान में 3.87 करोड़ अकाउंट है।
  • और महाराष्ट्र में 3.85 करोड़ अकाउंट दर्ज हैं।

कब शुरू हुई योजना?

बता दें कि ये योजना अगस्त 2014 में शुरु की गई थी। राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन के तौर पर योजना की शुरुआत की गई थी। इसका मकसद हर परिवार तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना, कम से कम एक बेसिक बैंक खाता उपलब्ध कराना, लोगों को वित्तीय जानकारी देना और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना था।

जन धन अकाउंट चालू है या नहीं इस तरह पता करें

  • सबसे पहले बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल करके पता करें.
  • इसके अलावा पासबुक लेकर बैंक जाए और अकाउंट का स्टेटस पता करें.
  • वहीं एटीएम या  मिनी स्टेटमेंट से भी अकाउंट से लेन-देन की जानकारी भी मिल सकती है.
  • यानी आप आसानी से पता कर सकते हैं कि आपका अकाउंट चालू है या नहीं.

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