प्रमोद कुमार, कैमूर। जिले के मोहनिया से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। शादी के बाद मायके गई एक नवविवाहिता को जब ससुराल पक्ष के लोगों ने वापस लाने से इनकार कर दिया और फोन पर भी बातचीत बंद कर दी, तो वह खुद अपने परिजनों के साथ ससुराल पहुंच गई। घर के अंदर प्रवेश न मिलने पर उसने दरवाजे पर ही धरना शुरू कर दिया। यह पूरा मामला मोहनिया के शिवपुर कॉलोनी वार्ड नंबर 13 का है।
शादी और विदाई के बाद दूरी
निधि सिंह की शादी हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार 7 मार्च 2025 को मोहनिया थाना क्षेत्र के अकोढ़ी निवासी नथुनी सिंह के पुत्र आलोक कुमार सिंह के साथ हुई थी। शादी के शुरुआती दिन ठीक रहे और चार महीने बाद दुल्हन की विदाई हुई थी। इसके बाद से पति या ससुराल का कोई भी सदस्य उसे लेने नहीं आया और न ही किसी ने उससे संपर्क रखा। लगातार नजरअंदाज किए जाने से परेशान होकर विवाहिता ने अपने परिजनों के साथ खुद ससुराल का रुख किया।
दरवाजे पर बैठी दुल्हन की जिद
ससुराल पहुंचते ही घर के सदस्यों ने मुख्य दरवाजा बंद कर लिया और अंदर घुसने से मना कर दिया। काफी गुहार लगाने के बाद भी जब किसी ने दरवाजा नहीं खोला, तो निधि सिंह ने वहीं दरवाजे पर धरना देने का फैसला किया। उनका कहना है कि जब तक ससुराल वाले दरवाजा नहीं खोलेंगे और उन्हें घर में नहीं अपनाएंगे, तब तक वह अपनी ससुराल के दरवाजे पर ही बैठी रहेंगी।
पिता का गंभीर आरोप
विवाहिता के पिता मनोज सिंह, जो भभुआ वार्ड नंबर 5 के निवासी हैं, ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए काफी प्रयास किया था। उनके दामाद आलोक कुमार सिंह मोहनिया प्रखंड के सिरहिरा स्कूल में शिक्षक हैं। पिता का आरोप है कि उन्होंने शादी में 40 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन अब ससुराल पक्ष के लोग बेटी को अपनाने से इनकार कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कोई कानूनी मामला दर्ज नहीं कराना चाहते, बल्कि चाहते हैं कि उनकी बेटी को उसका अधिकार मिले। दूसरी ओर, ससुराल पक्ष की तरफ से विवाहिता पर मोबाइल पर किसी से बात करने और झगड़ा करने के आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें मायके वालों ने पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है। फिलहाल, न्याय की आस में विवाहिता अपने पति के घर के बाहर धरने पर बैठी हुई है।



