कुरुक्षेत्र के एक आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल परिसर में मेडिकल के छात्रों ने दवाई लेने आए भाई-बहन और बीच-बचाव करने आए तीन सुरक्षाकर्मियों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस हिंसक वारदात से नाराज होकर अस्पताल के कर्मचारियों ने ओपीडी सेवाएं ठप कर दीं और प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कुरुक्षेत्र। हरियाणा की धार्मिक नगरी कुरुक्षेत्र में स्थित एक आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल परिसर में छात्रों की दबंगई का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां पर चिकित्सा शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों ने दवाई लेने पहुंचे एक भाई-बहन के साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान जब अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मी पीड़ितों को बचाने के लिए दौड़े, तो उपद्रवी छात्रों ने उन पर भी लात-घूंसे और लाठियां बरसा दीं। इस हिंसक घटना के विरोध में अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने सुरक्षा की मांग को लेकर ओपीडी सहित सभी रूटीन कार्यों को पूरी तरह बंद कर दिया है, हालांकि आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से चालू हैं।

मामूली बात पर बुलाई भीड़
पीड़ित भाई-बहन परवीन और अनीता ने आपबीती बताते हुए कहा कि वे अस्पताल में उपचार कराने और दवा लेने आए थे। इसी दौरान परिसर में कॉलेज की दो छात्राओं की गाड़ी ने उनकी कार को पीछे से टक्कर मार दी थी। मौके पर छात्राओं ने अपनी भूल स्वीकार करते हुए क्षमा मांग ली थी, जिससे विवाद शांत हो गया था। इसके कुछ ही समय बाद कॉलेज के करीब दो दर्जन छात्र हाथों में लाठी-डंडे लेकर वहां आ धमके और बिना कोई बात किए परवीन और अनीता पर हमला बोल दिया। इस दौरान महिला के गले की सोने की चेन भी तोड़ दी गई।

सुरक्षाकर्मियों पर भी हमला
अस्पताल के भीतर मचे इस कोहराम को देखकर जब वहां मौजूद तीन सिक्योरिटी गार्ड असहाय मरीजों को बचाने के लिए आगे आए, तो हुड़दंग मचा रहे छात्रों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। छात्रों ने तीनों सुरक्षाकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और फिर मौके से भाग निकले। इस जानलेवा हमले से डरे पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाने की मांग की है।
सस्पेंशन की मांग पर अड़े कर्मचारी
इस हिंसक झड़प से अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों में गहरा रोष व्याप्त हो गया है। अस्पताल के कर्मचारी मोहित ने बताया कि मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा में तैनात गार्ड्स पर हमला किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि ये लोग पढ़ाई करने के बजाय परिसर का माहौल खराब कर रहे हैं, इसलिए मारपीट में शामिल सभी छात्रों को तुरंत निलंबित किया जाए। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन के बड़े अधिकारी नाराज स्टाफ को समझाकर काम पर लौटने के लिए मनाने में जुटे हैं, लेकिन कर्मचारी आरोपियों पर पुलिस केस और सस्पेंशन की मांग पर डटे हुए हैं।

