अंतरराष्ट्रीय नंबर से हो रहा संपर्क, जिला प्रशासन ने जारी की चेतावनी; निजी और बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने की अपील

लोहरदगा। झारखंड के लोहरदगा जिले में साइबर अपराधियों ने जिला उपायुक्त (डीसी) संदीप कुमार मीना के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी व्हाट्सएप आईडी बना ली है। इस फर्जी प्रोफाइल के माध्यम से लोगों को संदेश भेजे जा रहे हैं और कॉल कर संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।

डीसी के नाम और फोटो का किया दुरुपयोग

जिला प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार, किसी असामाजिक तत्व ने उपायुक्त संदीप कुमार मीना के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल तैयार की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपायुक्त की ओर से इस तरह के किसी संदेश या कॉल का कोई संबंध नहीं है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति को इस प्रोफाइल से संपर्क किया जाता है, तो उसे संदिग्ध मानते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय नंबर से भेजे जा रहे संदेश

प्रशासन ने बताया कि +66803091600 नंबर से “Sandeep Kumar Meena” के नाम पर व्हाट्सएप संदेश और कॉल किए जा रहे हैं। यह एक अंतरराष्ट्रीय नंबर है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस नंबर से आने वाले किसी भी संदेश या कॉल का जवाब न दें और न ही किसी प्रकार की जानकारी साझा करें। ऐसे मामलों की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या जिला प्रशासन को दें।

व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी न करें साझा

प्रशासन ने आगाह किया है कि साइबर ठग अक्सर सरकारी अधिकारियों, पुलिस, बैंक या अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। इसलिए किसी भी अनजान नंबर पर आधार संख्या, बैंक खाता, ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। थोड़ी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।

सतर्क रहें, आधिकारिक सूचना पर ही करें भरोसा

जिला प्रशासन ने कहा कि साइबर अपराध के तरीके लगातार बदल रहे हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक को जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। यदि किसी सरकारी अधिकारी के नाम पर पैसे मांगने, दस्तावेज भेजने या निजी जानकारी देने का दबाव बनाया जाए, तो पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन या पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।