लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्थान के गठन और विकास की कहानी बताई. उन्होंने कहा कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेज, एमबीबीएस और पीजी सीटों की संख्या बढ़ी है और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है.

लखनऊ. डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने संस्थान की स्थापना से लेकर उसके वर्तमान स्वरूप तक के सफर का जिक्र करते हुए उत्तर प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार की जानकारी दी.

संस्थान बनने की कहानी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में सरकार के सामने यह सवाल था कि लोहिया अस्पताल को अस्पताल के रूप में रखा जाए या इसे संस्थान का स्वरूप दिया जाए. उस समय असमंजस के साथ आपसी विवाद की स्थिति भी थी.

उन्होंने बताया कि इसके बाद इसे संस्थान में बदलने का निर्णय लिया गया. जो लोग संस्थान का हिस्सा बनने के इच्छुक थे, उन्हें इसमें शामिल किया गया, जबकि अन्य कर्मचारियों को उनकी इच्छा के अनुसार दूसरी जगह स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया.

20 बेड से विस्तार

सीएम योगी ने कहा कि उस समय यह कल्पना करना मुश्किल था कि संस्थान इतनी तेजी से आगे बढ़ेगा. उन्होंने बताया कि कभी यह 20 बेड का छोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र था, लेकिन आज यह उत्तर प्रदेश का फर्स्ट क्लास इंस्टीट्यूट है.

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के विस्तार का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार, 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर 41 मेडिकल कॉलेज संचालित थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 85 हो गई है.

मेडिकल सीटों में बढ़ोतरी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में दो एम्स भी संचालित हैं. उन्होंने बताया कि पहले उत्तर प्रदेश में एमबीबीएस की कुल 4,690 सीटें थीं, जो अब बढ़कर 13,600 से अधिक हो गई हैं.

उन्होंने पीजी मेडिकल सीटों का भी आंकड़ा साझा किया. मुख्यमंत्री के मुताबिक, पीजी की सीटें पहले 3,564 थीं, जो अब बढ़कर 5,067 हो गई हैं.

नर्सिंग शिक्षा का विस्तार

मुख्यमंत्री ने नर्सिंग कॉलेजों की संख्या में हुए विस्तार का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में केवल दो नर्सिंग कॉलेज थे, जबकि 2017 के बाद 2026 तक इनकी संख्या 33 हो गई है.

उन्होंने बताया कि इसके अलावा 33 नर्सिंग कॉलेज निर्माणाधीन हैं. मुख्यमंत्री ने नर्सिंग संस्थानों को प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की रीढ़ बताया.