Lalluram Desk. भगवान शंकर की पूजा-अर्चना के कई विशेष नियम बताए जाते हैं। आमतौर पर शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, आक और शमी के पत्ते चढ़ाने की बात कही जाती है। फूलों को लेकर कुछ अत्यंत दुर्लभ और कड़े नियम भी मौजूद हैं। इन्हीं नियमों में से एक बहुत रोचक और रहस्यमयी नियम चंपा के पुष्प से जुड़ा हुआ हैं।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, पूरे 11 महीनों तक शिवलिंग पर चंपा का फूल अर्पित करना पूरी तरह से निषेध माना जाता है। लेकिन केवल भाद्रपद मतलब भादों के माह में ही भक्तों को शिवलिंग पर चंपा का पुष्प अर्पित करने की विशेष छूट और अनुमति प्राप्त होती है। इस दुर्लभ परंपरा के पीछे के मुख्य कारण और पूजा से जुड़े महत्वपूर्ण नियम।

11 महीने क्यों नहीं चढ़ता यह पुष्प

पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार चंपा के फूल को भगवान शंकर की पूजा में सामान्य दिनों में शामिल नहीं किया जाता है। इसके पीछे कई प्राचीन ग्रंथों में वर्णित प्रसंग दिए जाते हैं।प्रकृति और धर्म के बीच संतुलन के चलते भाद्रपद महीने को इस नियम का एक अलग अपवाद माना गया है।

भाद्रपद में अर्पण को माना गया है शुभ

भाद्रपद यानी भादों का महीना भक्ति, तपस्या, संयम और साधना का समय माना जाता है। इस दौरान मौसम में बदलाव आता है और वातावरण में एक विशेष ऊर्जा का संचार होता है। परंपराओं के अनुसार भादों के महीने में यदि कोई श्रद्धालु प्रातःकाल स्नान के बाद पहले जलाभिषेक या दुग्ध-अभिषेक करें। इसके पश्चात् पूरी श्रद्धा के साथ चंपा का फूल चढ़ाता है तो भोलेनाथ बहुत जल्दी प्रसन्न होकर मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।

अर्पण का मन और आध्यात्मिक जीवन पर प्रभाव

1.भादों के महीने में चंपा का फूल अर्पित करने से मनुष्य की मानसिक अशांति तनाव और चिंताएं दूर होती हैं।
2.चंपा के पुष्प की भीनी-भीनी सुगंध और उसका अर्पण माहौल में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
3.भादौ माह में यह दुर्लभ पुष्प अर्पण करने से जीवन में आ रही पुरानी रुकावटें और ग्रह दोष धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं।

महादेव को चंपा चढ़ाने की सही विधि

1.पूजा के लिए हमेशा वही चंपा का फूल चुनें जो पूरी तरह ताजा हो और जिसे स्वच्छतापूर्वक पौधे से तोड़ा गया हो।
2.यदि चंपा का फूल खुद टूटकर ज़मीन पर गिर चुका है।तो उसे उठाकर शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए।
3.प्रातःकाल स्नान के बाद पहले जलाभिषेक या दुग्ध-अभिषेक करें। इसके पश्चात् ही पूरी श्रद्धा के साथ चंपा का पुष्प अर्पित करें।
4.भादों के महीने में चंपा का फूल अर्पित करने से मानसिक अशांति, तनाव और चिंताएं दूर होती हैं।

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