लखनऊ विश्वविद्यालय और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बीच शनिवार को एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत बीपीटी के छात्रों को अस्पताल के वास्तविक माहौल में क्लिनिकल प्रशिक्षण और अनुसंधान का अवसर मिलेगा।
सतीश सिंह, लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटी) के विद्यार्थियों के लिए अब पढ़ाई सिर्फ कक्षा और प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रहेगी। विद्यार्थियों को अस्पताल के वास्तविक माहौल में मरीजों के उपचार और पुनर्वास की बारीकियां सीखने का अवसर मिलेगा।
इसके लिए शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के बीच शैक्षणिक, क्लिनिकल प्रशिक्षण और अनुसंधान को लेकर एमओयू किया गया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जे.पी. सैनी के नेतृत्व में शनिवार को हुए समझौते पर लोहिया संस्थान के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) सी.एम. सिंह, फिजिकल मेडिसिन एवं रिहैबिलिटेशन विभागाध्यक्ष डॉ. वरिंदर सिंह गोगई, लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा तथा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज के निदेशक प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी ने हस्ताक्षर किए।
आईसीयू से लेकर न्यूरोसर्जरी तक लेंगे प्रशिक्षण
एमओयू की सबसे खास बात यह है कि बीपीटी छात्रों को लोहिया संस्थान के विभिन्न क्लिनिकल विभागों में व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। विद्यार्थियों को ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी, आईसीयू, ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, प्रसूति एवं स्त्री रोग तथा फिजिकल मेडिसिन एवं रिहैबिलिटेशन विभागों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इससे विद्यार्थियों को अलग-अलग बीमारियों और मरीजों की जरूरतों के अनुसार फिजियोथेरेपी की भूमिका को करीब से समझने का मौका मिलेगा।
क्लिनिकल ट्रेनिंग के साथ रिसर्च पर भी जोर
लोहिया संस्थान के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) सी.एम. सिंह ने कहा कि दोनों संस्थान इंटरडिसिप्लिनरी ट्रेनिंग और अनुसंधान को संयुक्त रूप से बढ़ावा देंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण क्लिनिकल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय को सहयोग का भरोसा दिलाया।
वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने एमओयू के लिए निदेशक और उनकी टीम का आभार जताया। वहीं प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यह साझेदारी विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, शोध के अवसर और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ने का मंच उपलब्ध कराएगी।
इस मौके पर संस्थान की कुलसचिव डॉ. शैली महाजन, डॉ. भुवन चंद्र तिवारी सहित अन्य चिकित्सक तथा लखनऊ विश्वविद्यालय के डॉ. रोहित सिंह मौजूद रहे।


