लखनऊ. उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए (PDA- पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के मुद्दे और बीजेपी सरकार पर लगाए गए आरोपों पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पलटवार किया है. उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा के पास अब कोई मुद्दा और नीति नहीं बची है.

इसे भी पढ़ें- CM योगी की पीआरडी जवानों को बड़ी सौगात… खाते में आएंगे 3000 रुपये, कैशलेस इलाज और नई बैरक का तोहफा

ब्रजेश पाठक ने कहा, “समाजवादी पार्टी के पास कोई मुद्दा नहीं है. कोई नीति नहीं है. जब-जब वे उत्तर प्रदेश में शासन में आए हैं उन्होंने यूपी को डिस्टर्ब ही किया है.” उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की राजनीति केवल आरोप लगाने तक सीमित रह गई है.

अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार को घेरा था

दरअसल, अखिलेश यादव लगातार बीजेपी सरकार पर सामाजिक न्याय के मुद्दे को लेकर हमलावर हैं. सपा प्रमुख का आरोप है कि प्रदेश में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को उनका उचित अधिकार नहीं मिल रहा है. उन्होंने सरकार पर आरक्षण, भागीदारी और कानून व्यवस्था के मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए हैं.
अखिलेश यादव अपनी पीडीए रणनीति के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों की भागीदारी बढ़ाने की बात करते रहे हैं. उनका कहना है कि सत्ता और व्यवस्था में सभी वर्गों को बराबर प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए.

ब्रजेश पाठक ने सपा शासनकाल पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए ब्रजेश पाठक ने सपा के पुराने शासनकाल पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि जब-जब समाजवादी पार्टी सत्ता में आई, तब प्रदेश में अव्यवस्था का माहौल बना. उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि बीजेपी सरकार विकास, सुशासन और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.

PDA की राजनीति पर आमने-सामने बीजेपी और सपा

उत्तर प्रदेश की राजनीति में PDA का मुद्दा पिछले कुछ समय से केंद्र में बना हुआ है. समाजवादी पार्टी इसे सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व से जोड़ रही है, जबकि बीजेपी इसे सिर्फ राजनीतिक रणनीति बता रही है. बीजेपी नेताओं का आरोप है कि सपा जातीय समीकरणों की राजनीति करती है और जनता को बांटने का काम करती है. वहीं, सपा का कहना है कि वह वंचित वर्गों की आवाज उठा रही है.

इसे भी पढ़ें- भिंड सड़क हादसे में लखीमपुर के 8 मजदूरों की मौत, सीएम योगी ने किया मुआवजे का ऐलान

2027 चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार बढ़ रही है. दोनों दल जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं. जहां सपा पीडीए के जरिए सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी विकास और कानून व्यवस्था को अपना प्रमुख मुद्दा बना रही है. ऐसे में अखिलेश यादव और ब्रजेश पाठक के बीच यह वार-पलटवार प्रदेश की सियासी गर्मी को और बढ़ाता नजर आ रहा है.