सतीश सिंह, लखनऊ. हाल ही में रिलीज फिल्म हनुमान अंश का हर शो सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का अनुभव भी बन रहा है. सिनेमा हॉल में आमतौर पर हर सीट दर्शकों के लिए होती है, लेकिन लखनऊ के नावेल्टी सिनेमा हॉल में एक सीट हर शो में खाली रहती है. यह सीट किसी दर्शक के इंतजार में नहीं, बल्कि बाबा नीम करौरी के प्रति श्रद्धा के प्रतीक के रूप में छोड़ी जाती है. भक्ति-प्रधान फिल्म हनुमान अंश के प्रदर्शन के दौरान सिनेमा हॉल प्रबंधन की इस अनूठी पहल ने मनोरंजन को आस्था से जोड़ दिया है.
सिनेमाहाल के हर शो में यह खाली सीट दर्शकों के लिए सामान्य सीट नहीं, बल्कि बाबा नीम करौरी के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है. शो के दौरान इस सीट पर किसी दर्शक को नहीं बैठाया जाता. प्रबंधन का मानना है कि बाबा के प्रति सम्मान और उनकी स्मृति को समर्पित यह पहल फिल्म देखने आने वाले लोगों के बीच भी आस्था का भाव पैदा करती है.
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श्रद्धा का यह सिलसिला केवल एक सीट तक सीमित नहीं है. शो समाप्त होने के बाद दर्शकों को सिनेमा हॉल प्रबंधन की ओर से दिव्य प्रसाद भी वितरित किया जा रहा है. फिल्म देखने आए दर्शक प्रसाद ग्रहण कर इस धार्मिक भावना से जुड़ रहे हैं. नावेल्टी सिनेमा हॉल के महाप्रबंधक राजेश टंडन बताते हैं कि यह पहल किसी व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि जो दर्शक आ रहे हैं, उनकी श्रद्धा व भक्ति को देखते हुए उठाया गया कदम है. दर्शक उसी श्रद्धा के साथ फ़िल्म देखने आ रहे हैं, जिस श्रद्धा व भक्ति के साथ वे मंदिर जाते हैं. दर्शकों के इसी भाव को देखते हुए बाबा नीम करौरी के लिए हर शो में एक सीट खाली रखी जा रही है.



