मोहम्मद करीमुल्लाह/ मधुबनी। जिले की झंझारपुर पुलिस ने अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना और सघन वाहन चेकिंग के दौरान तीन खतरनाक अपराधियों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। ये अपराधी किसी बड़ी हत्या की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की तत्परता ने एक निर्दोष की जान बचा ली।

​बेलारही कट पर पुलिस ने बिछाया जाल

​झंझारपुर थाना क्षेत्र के बेलारही कट के समीप पुलिस टीम सघन वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन संदिग्ध युवक वहां से गुजरे। पुलिस को देखते ही वे घबरा गए और बाइक मोड़कर भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत उनकी घेराबंदी की और उन्हें धर दबोचा। पकड़े गए अपराधियों की तलाशी लेने पर उनके पास से एक देसी पिस्तौल, 11 जिंदा कारतूस, एक बाइक, मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई।

​हत्या की सुपारी और खौफनाक साजिश

​पुलिस की शुरुआती पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं वे बेहद चौंकाने वाले हैं। गिरफ्तार अपराधियों में शामिल चंदन कामत ने खुलासा किया कि उन्हें एक व्यक्ति की हत्या करने की सुपारी (कॉन्ट्रैक्ट) मिली थी। हत्या के लिए उन्हें कुछ राशि एडवांस के तौर पर दी गई थी और काम पूरा होने के बाद डेढ़ लाख रुपये मिलने थे। उनकी कार्ययोजना इतनी सटीक थी कि उन्हें पीड़ित का फोटो मोबाइल पर भेजा जाता, जिसके आधार पर वे पहचान कर हत्या को अंजाम देते और मौके से फरार हो जाते। पुलिस की सक्रियता ने इस पूरे षड्यंत्र को समय रहते नाकाम कर दिया।

​अपराधियों का आपराधिक इतिहास

​गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान फुलपरास थाना क्षेत्र के रोहित झा, रुद्रपुर थाना क्षेत्र के चंदन कामत और घोघरडीहा थाना क्षेत्र के आदर्श कुमार के रूप में हुई है। डीएसपी सुबोध कुमार सिन्हा ने बताया कि ये तीनों अपराधी पहले भी कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहे हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके सरगना (मास्टरमाइंड) तक पहुंचा जा सके।

​न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी

​झंझारपुर थाना पुलिस ने इस मामले में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। तीनों गिरफ्तार अपराधियों को कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। डीएसपी ने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के मनोबल पर चोट पहुंची है और भविष्य में भी अपराध नियंत्रण के लिए इसी प्रकार की सघन निगरानी जारी रहेगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर उस व्यक्ति की हत्या की सुपारी किसने दी थी जिसे ये अपराधी मारने निकले थे।