Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। हालांकि इसका प्रभाव केंद्र की राजनीति में देखने को मिल सकता है। दरअसल बुधवार देर रात शरद पवार (Sharad Pawar) की पार्टी एनसीपी (NCP) के नेता जयंत पाटील (Jayant Patil) अचानक सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के आवास ‘वर्षा’ पर पहुंचे। दोनों नेताओं की बंद कमरे बैठक हुई। इसके बाद एनसीपी चीफ शरद पवार का महिला आरक्षण विधेयक पर सुर बदल गए हैं। खबर है कि शरद पवार की NCP महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक का समर्थन कर सकती है, जबकि पहले इसका विरोध कर रही थी।
सूत्रों के मुताबिक यह फैसला पार्टी में संभावित टूट को रोकने और सांसदों को एकजुट रखने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मंगलवार रात करीब 11 बजे मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ पर एनसीपी (शरद पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल, एनसीपी (अजित पवार) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के बीच करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन कर सकती है। बताया जा रहा है कि बजट सत्र में पार्टी ने इस विधेयक के खिलाफ मतदान किया था, लेकिन अब भाजपा नेताओं के साथ हुई बातचीत के बाद उसके रुख में बदलाव आया है।
जानें जयंत पाटील ने क्या कहा
हालांकि जयंत पाटील ने सीएम से मुलाकात पर कहा कि कुछ दिन पहले, मेरे चुनाव क्षेत्र में, उरुन-ईश्वरपुर नाम का एक कस्बा है। मेयर, जो लगभग 7000 वोटों के मार्जिन से चुने गए थे, के बारे में किसी ने कलेक्टर से बात की, और कलेक्टर ने उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया। इसलिए हम सरकार से अपील करना चाहते थे। क्योंकि एकनाथ शिंदे दिल्ली गए थे, इसलिए मेरे पास मुख्यमंत्री से मिलने के अलावा कोई चारा नहीं था। मैंने उनसे समय मांगा, और उन्होंने कहा कि मैं उनसे 10.30 बजे के बाद मिल सकता हूं… लंबे इंतज़ार के बाद, वह बाहर आए… मैंने उन्हें मामला समझाया। उन्होंने कहा कि उन्हें इसके बारे में पता नहीं है, लेकिन वह कॉल करेंगे, और दो दिन में पता लगा लेंगे कि उन्हें डिसक्वालिफाई क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि वह मुझसे फिर से संपर्क करेंगे… यह पूरी तरह से मेरे चुनाव क्षेत्र से जुड़ा था। मेयर नागराज दीक्षित को डिसक्वालिफाई कर दिया गया था।
ममता और उद्धव के बाद शरद की एनसीपी में बगावत
बता दें कि इस समय महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार की पार्टी राजनीतिक संकट में है। खबर है कि उनकी पार्टी के 10 विधायकों में से ज्यादातर विधायक एनडीए में शामिल होने के पक्ष में हैं। काम न मिलना और देरी से मिलने को लेकर विधायकों ने चिंता जताई थी। वहीं जयंत पाटील ने शरद पवार को विधायकों की इस समस्या से अवगत कराया था। शरद पवार की पार्टी एनसीपी के पास 10 विधायक और 8 सांसद है, जिससे पार्टी को उनका खतरा नजर आ रहा है।
महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पास करवा मोदी सरकार का ये प्लान
बता दें कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस मानसून सत्र में एक बार फिर मोदी सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पेश कर पास करवाने की कोशिश करेगी। ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में टूट और उद्ध ठाकरे के सांसदों की बगावत के कारण मोदी सरकार को भरोसा है कि सरकार बिल पास करवा सकती है। अब खबर है कि शरद पवार भी एनडीए को महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर समर्थन दे सकते हैं। जबकि एमके स्टालिन की डीएमके वोटिंग का बायकट कर सकती है। इससे मोदी सरकार के बिल पास करवाना आसान हो जाएगा।
पीएम मोदी ने मेलोनी को Melody Toffee गिफ्ट दी, खुशी से झूम उठी इटली की प्रधानमंत्री
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

