शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित ‘पोषण आहार घोटाले’ की जांच में लोकायुक्त ने तीन महत्वपूर्ण विभागों के शीर्ष अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी किया है। इन सभी अधिकारियों को 24 अगस्त को लोकायुक्त के समक्ष उपस्थित होना होगा।

इन अधिकारियों को किया तलब

लोकायुक्त द्वारा जारी आदेश के तहत जिन अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर तलब किया गया है, उनमें प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) शामिल हैं।

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₹800 करोड़ के घोटाले का आरोप

गौरतलब है कि यह पूरा मामला आंगनबाड़ियों और ग्रामीण क्षेत्रों में बांटे जाने वाले पोषण आहार में करीब 800 करोड़ रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। इस मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव (CS) इकबाल सिंह बैंस और महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्कालीन संचालक ललित मोहन बेलवाल समेत कई अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं।

महालेखाकार (AG) की रिपोर्ट के बाद शिकायत

इस घोटाले को लेकर 28 अगस्त 2023 को पूर्व विधायक पारस सखलेचा ने लोकायुक्त में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। यह शिकायत वर्ष 2018 से 2021 के बीच महालेखाकार (Accountant General) द्वारा मध्य प्रदेश के 8 जिलों में की गई ऑडिट रिपोर्ट पर आधारित थी। एजी की रिपोर्ट में पोषण आहार के उत्पादन, परिवहन और वितरण में भारी गड़बड़ियां उजागर हुई थीं, जिसके बाद से ही इस मामले में लगातार निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी।

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