सुशीला देवी, गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम में अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा फर्रुखनगर की टीम ने बीते कल यानी चौबीस जून दो हजार छब्बीस को एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर गांव करोला से मनीष उर्फ मुकेश नाम के एक आरोपी को धर दबोचा है। गिरफ्तार किया गया यह आरोपी इलाके में अवैध हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क का एक मुख्य हिस्सा माना जा रहा है। मनीष पर आरोप है कि उसने दूसरे अपराधियों को गैरकानूनी तरीके से अवैध देशी पिस्टल मुहैया कराई थी।
पुलिस ने हथियार की सप्लाई चेन का लगाया पता, कड़ी से कड़ी जोड़कर सप्लायर तक पहुंची टीम
इस पूरे मामले की शुरुआत पिछले महीने हुई थी। पुलिस के मुताबिक बीती नौ मई दो हजार छब्बीस को अपराध शाखा फर्रुखनगर की टीम ने गांव गढ़ी नाते खान के रहने वाले डालचंद नाम के एक बदमाश को पकड़ा था। जब पुलिस ने डालचंद की तलाशी ली, तो उसके कब्जे से एक अवैध देशी पिस्टल बरामद हुई थी। इस मामले को लेकर पुलिस ने थाना फर्रुखनगर में शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। शस्त्र अधिनियम का सीधा और आसान मतलब वह सख्त कानून होता है, जो बिना सरकारी लाइसेंस के बंदूक, पिस्तौल या कोई भी घातक हथियार रखने या बेचने पर रोक लगाता है।
डालचंद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में नहीं डाला। पुलिस अधिकारियों ने अवैध हथियारों की पूरी सप्लाई चेन यानी उस गुप्त रास्ते और नेटवर्क का पता लगाना शुरू किया, जहां से यह पिस्टल डालचंद तक पहुंची थी। पुलिस की गहन पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर यह साफ हो गया कि बरामद हुई देशी पिस्टल आरोपी मनीष उर्फ मुकेश ने ही डालचंद को बेची थी। इसके बाद पुलिस टीम ने जाल बिछाया और आरोपी मनीष को दबोच लिया।
पुलिस की जांच अभी नहीं हुई हैं खत्म
पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। मनीष को रिमांड पर लेकर यह पता लगाया जा रहा है कि वह अब तक इलाके में कितने लोगों को ऐसे अवैध हथियार बेच चुका है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि मनीष खुद यह हथियार कहां से लेकर आता था। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम के इलाकों में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की अगली कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।


