दिल्ली सरकार ने राजधानी में भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) नियम, 2026 (Fire Service Amendment Rules-2026) अधिसूचित कर दिए हैं। सरकार की ओर से 28 अगस्त को जारी अधिसूचना के तहत दिल्ली अग्निशमन सेवा नियम, 2010 में संशोधन किया गया है। नए नियमों के तहत भवनों में अग्नि सुरक्षा के न्यूनतम मानकों को संशोधित दिल्ली एकीकृत भवन उप-विधि (UBBL) से जोड़ा गया है। इससे भवनों में फायर सेफ्टी से जुड़े प्रावधानों को मौजूदा भवन निर्माण मानकों के अनुरूप लागू करने का रास्ता साफ होगा।
नए नियमों में क्या-क्या बदलाव
संशोधित नियमों के तहत संबंधित भवनों में आधुनिक और अनिवार्य अग्नि सुरक्षा उपायों को लागू किया जाएगा। नए प्रावधानों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की आवाजाही के लिए कम से कम छह मीटर चौड़ा और बाधामुक्त मार्ग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा भवनों में स्वचालित और निरंतर निगरानी प्रणाली, आग बुझाने के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम और आपात स्थिति में बिजली की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए समर्पित बैकअप व्यवस्था जैसे सुरक्षा उपायों को शामिल किया गया है। सरकार के मुताबिक, इन प्रावधानों का उद्देश्य आग लगने की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
अग्नि सुरक्षा मानकों को यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज से जोड़ा
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि राजधानी के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली फायर सर्विस (संशोधन) नियम, 2026 के जरिए अग्नि सुरक्षा मानकों को यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज (UBBL) के साथ सीधे जोड़ा गया है। गृह मंत्री के अनुसार, संशोधित नियमों से दिल्ली के भवनों में आधुनिक अग्नि सुरक्षा उपायों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित होगा। इससे राजधानी को अधिक सुरक्षित, सक्षम और आपदा-रोधी शहर बनाने में मदद मिलेगी।
निरीक्षण प्रक्रिया में आएगी एकरूपता
आशीष सूद ने कहा कि अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए मानकीकृत ऑडिटर निरीक्षण चेकलिस्ट भी लागू की जाएगी। इससे भवनों की अग्नि सुरक्षा जांच के दौरान एक समान मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। चेकलिस्ट के जरिए निरीक्षण प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के साथ-साथ भवनों में मौजूद सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान करना भी आसान होगा। इससे संबंधित कमियों को समय पर दूर कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली में इस साल हुए तीन बड़े अग्निकांड
बता दें कि दिल्ली में हाल के महीनों में आग लगने की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। इन्हीं घटनाओं के बीच सरकार ने अग्नि सुरक्षा नियमों में बदलाव कर भवनों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है। जून में मालवीय नगर के एक होटल में लगी आग में 23 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। इस घटना में मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की बताई गई थी। इससे पहले पालम इलाके की एक इमारत में आग लगने से एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हुई थी। वहीं, विवेक विहार में एक इमारत में आग लगने की घटना में भी नौ लोगों की जान चली गई थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वहां आग एसी में खराबी के बाद लगी थी।
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