दिल्ली यूनिवर्सिटी की 45 साल की महिला प्रोफेसर देबोश्मिता पॉल की बेरहमी से हत्या के आरोप में उन्हीं के बर्दवान के रिश्तेदार दंपति को गिरफ्तार किया गया है। देबोश्मिता का शव गुरुवार को दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव में स्थित एक सोसायटी से बरामद किया गया था। उनकी हत्या बड़ी ही निर्ममता से की गई थी। उनके सिर में गहरी चोट थी जबकि दोनों हाथों की कलाइयां काट दी गई थीं। उन्हें चेहरे और शरीर पर भी जगह-जगह चोट के निशान थे। देबोश्मिता 2023 में राजा गार्डन में स्थित एक कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर नियुक्त की गईं थी। साल 2022 में वह अपने पति से अलग हो गई थीं और उसके बाद से वह दिल्ली में रह रही थीं।
पुश्तैनी घर को लेकर हत्या
गिरफ्तार किए गए पति-पत्नी महिला प्रोफेसर के दूर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं और और कोलकाता में प्रोफेसर के पुश्तैनी घर में किरायदार के तौर पर रह रहे थे। जबकि महिला और उसका पूरा परिवार दिल्ली में ही बस चुका था। पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया है कि महिला की हत्या संपत्ति विवाद के चलते ही कई गई है।
प्रोफेसर नहीं बेचना चाहती थी पुश्तैनी घर
डिप्टी कमिश्नर राजीव कुमार ने कहा, आरोपी पति-पत्नी उस पुश्तैनी घर को पिछले काफी समय से खरीदना चाहते थे। प्रोफेसर के माता-पिता और दो भाई-बहन उसे बेचने के लिए तैयार थे। लेकिन प्रोफेसर किसी भी हालत में अपनी पुश्तैनी संपत्ति को बेचना नहीं चाहती थी। पति-पत्नी ने काफी बार उसे मनाने की कोशिश की लेकिन प्रोफेसर नहीं मानी।
इस पर रास्ते का कांटा हटाने का सोच आरोपियों ने उसकी हत्या का प्लान बनाया। वह कोलकाता से दिल्ली गई और बुधवार को महिला की हत्या कर कोलकाता वापस आ गए। पुलिस ने बताया है कि पति-पत्नी को कोलकाता से ही गिरफ्तार किया और आगे की पूछताछ के लिए उन्हें दिल्ली लाया जा रहा है।
किसी को शक न हो इसलिए अपने साथ बच्चा भी लाए
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने बड़े ही शातिराना तरीके देबोश्मिता की हत्या की। वे पहले मृतिका से मिलने के बहाने से दिल्ली आए। किसी को उनके इरादों का पता न चले इसके लिए वे अपने साथ अपना बच्चा भी लाए थे। उन्होंने फ्लैट में जाने के लिए लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल किया। वह हथियार अपने साथ बैग में रखकर ही लाए थे। घर में घुसने के बाद उन्होंने प्रोफेसर पर हमला किया। उसकी हत्या करने के बाद 30 मिनट बाद ही वह वहां से रवाना हो गए। इसके लिए एक कैबन पहले से उनका इंताजर कर रही थी।
कैसे दबोचे गए आरोपी
पुलिस ने महज तीन दिनों के अंदर इस मर्डर मिस्ट्री का खुलासा कर दिया। सबसे पहले बुधवार को उस बिल्डिंग में आने वाले सभी 200 लोगों की लिस्ट निकाली गई और उनमें से 13 संदिग्धों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद पुलिस सात चीटों ने कई राज्यों में छापेमारी कर सैंकड़ों लोगों से पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने उस कैब ड्राइवर को भी हिरासत में ले लिया और आरोपियों की पहचान के लिए राइड डिटेल्स निकाली गई और जल्द ही बर्दवान ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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