पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने चुनाव परिणाम को निरस्त करने और मतों की पुनर्गणना कराने की मांग करते हुए याचिका दायर की है। इस सीट पर उन्हें भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के हाथों 15,015 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।
चुनावी रिकॉर्ड और EVM सुरक्षित रखने की मांग
ममता बनर्जी स्वयं हाई कोर्ट पहुंचीं और याचिका दाखिल की। उनके साथ टीएमसी नेता डोला सेन और वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी भी मौजूद थे। याचिका में मतदान से जुड़े सभी रिकॉर्ड, दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को सुरक्षित रखने तथा तत्काल सील करने की मांग की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की आशंका को रोका जा सके।
कल्याण बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप
याचिका दाखिल होने के बाद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि मतगणना के 12वें राउंड के बाद ममता बनर्जी के चुनाव एजेंटों के साथ मारपीट की गई और उन्हें काउंटिंग सेंटर से बाहर कर दिया गया। उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर (RO) की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी पहले 2021 के नंदीग्राम चुनाव में भी इसी भूमिका में थे, जिससे निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा होता है।
मतगणना के दौरान हुआ था विवाद
भवानीपुर विधानसभा सीट की मतगणना सखावत मेमोरियल स्कूल में हुई थी। मतगणना के दौरान टीएमसी और भाजपा के एजेंटों के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे की खबरें सामने आई थीं। उस दौरान ममता बनर्जी भी काउंटिंग सेंटर पहुंची थीं और बाद में उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे।
नंदीग्राम मामले की तरह फिर अदालत का दरवाजा
गौरतलब है कि वर्ष 2021 में नंदीग्राम विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी ममता बनर्जी ने शुभेंदु अधिकारी की जीत को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। वह मामला अब भी न्यायालय में लंबित है। ऐसे में भवानीपुर चुनाव परिणाम को लेकर दायर नई याचिका ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
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