प्रदीप मालवीय, उज्जैन। महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ChatGPT की मदद से बनाया गया फर्जी दर्शन पास लेकर मंदिर पहुंच गया। प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गार्ड ने पास की जांच की तो वह संदिग्ध लगा। गार्ड ने तत्काल युवक को प्रवेश देने से मना कर दिया और मामला पुलिस तक पहुंचाया।

पुलिस के अनुसार, युवक ने कथित तौर पर एआई की सहायता से दर्शन पास तैयार किया था और उसी के आधार पर मंदिर में प्रवेश का प्रयास किया। हालांकि सुरक्षा गार्ड की सतर्कता के कारण उसे फर्जी पास के जरिए प्रवेश नहीं मिल सका। इसके बाद युवक ने सामान्य दर्शन किए। पुलिस का कहना है कि इस घटना में किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन एआई का उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करना गंभीर मामला है।

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संबंधित युवक से पूछताछ की गई है और उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर फर्जी पास, पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज तैयार करने का प्रयास न करें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और दोषी पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महाकाल मंदिर की सुरक्षा और जांच व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है ताकि किसी भी व्यक्ति को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश न मिल सके। भविष्य में भी इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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